बुजुर्गों पर अत्याचार के मामले को लेकर खुलासा किया गया है.
देश में मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) बुजुर्गों पर अत्याचार के मामले में नंबर वन है. यह खुलासा नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के 2019 के आंकड़ों में हुआ है.
अपने करते बुजुर्गों पर अत्याचार
पुलिस की जांच में अधिकांश मामलों में बुजुर्गों से मारपीट करने वाले कोई और नहीं बल्कि उनके ही रिश्तेदार निकले हैं. वैसे बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए एक्ट में प्रावधान है, जिसके तहत बुजुर्ग की अपील में सक्षम अधिकारी 90 दिनों में प्रकरण में फैसला करें. जाने-अनजाने में प्रताड़ित किए जाने और घर से बेदखल किए जाने की स्थित में दोषी पाए जाने पर कम से कम 6 माह की सजा का प्रावधान है. थानों में बुजुर्गों की शिकायत प्राथमिकता से लिखी जाए. ओल्ड एज होम में रह रहे बुजुर्गों का संबंधित थानों में वैरिफिकेशन हो.
बुजुर्गों से मारपीट के मामले में शीर्ष पांच राज्यराज्य मामले
मध्य प्रदेश 2012
महाराष्ट्र 973
आंध्रप्रदेश 571
छत्तीसगढ़ 554
तमिलनाडू 551
बुजुर्गों से सभी अपराध के मामले में शीर्ष पांच राज्य
राज्य मामले
महाराष्ट्र 6163
मध्यप्रदेश 4184
गुजरात 4088
तमिलनाडू 2509
आंध्रप्रदेश 2430
रेप के मामलों में भी आगे
मध्य प्रदेश के लिए नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के शर्मिंदा करने वाले आंकड़े सामने आए हैं. दलित बच्चियों से रेप (Rape), छेड़छाड़ के मामले में एमपी (MP) देश में पहले नंबर पर है. एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार दलित बच्चियों के साथ रेप और छेड़छाड़ की घटना में प्रदेश देश में नंबर वन है. ये खुलासा नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के 2019 आंकड़ों में हुआ है. 2019 में मध्य प्रदेश में दलित बच्चियों के साथ रेप की 214 घटनाएं हुई, दूसरे नंबर पर महाराष्ट्र, तीसरे नम्बर पर हरियाणा है. महाराष्ट्र में दलित बच्चियों के साथ रेप की 181 घटनाएं और हरियाणा में 101 घटनाएं हुईं. देशभर में दलित बच्चियों के साथ रेप की कुल 1116 घटनाएं हुईं. दलित बच्चियों से छेड़छाड़ के मामले में भी देश में नंबर वन एमपी है.