श्याेपुर11 घंटे पहले
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बारिश के बाद जैदा मंडी रोड पर डामर गायब और हो गए गहरे गड्ढे।
- खाताैली राेड से नागदा लिंक राेड तक बायपास उखड़ा, गारंटी पीरियड के बाद भी मरम्मत नहीं
शहर में जैदा मंडी बायपास रोड पर किसान निधि से 3 करोड़ रुपए खर्च हाेने के बावजूद क्षेत्रीय किसानों की राह खतराें से भरी है। सड़क बनने के महज तीन माह में ही उखड़ने पर राज्य मंडी बोर्ड तक हुई शिकायत पर गत वर्ष ठेकेदार ने गड्ढ़ों में गिट्टी भरने के बाद ऊपर से डामर की परत डालकर लीपापोती कर दी थी।
निर्माण कार्य की गुणवत्ता बेहद घटिया हाेने के कारण पक्की सड़क बारिश में नहीं टिक पाई। वर्तमान में सड़क पर डामर का नामोनिशान मिटने के साथ ही गिट्टियां पूरी तरह उखड़ गई है। करीब 3 किमी में 300 से ज्यादा जानलेवा गड्ढे अब खतरनाक हाे गए हैं। चलते वाहन के साथ धूल उड़ती है। तीन साल की गारंटी पीरियड में हाेने के बावजूद ठेकेदार ने आवश्यक मरम्मत नहीं करवाई है।
सड़क पर गड्ढों के चलते खरीफ सीजन में उपज से भरी ट्रैक्टर-ट्राॅलियां पलटने से हर पल हादसे की आशंका के साथ उड़ती धूल के कारण स्थानीय रहवासियों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। आने वाले दिनाें में मंडी में किसान आंदाेलन की सुगबुगाहट सुनाई देने लगी है। किसानों की जान माल काे खतरे की आशंका बताते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष कविता मीणा ने शुक्रवार काे राज्य मंडी बाेर्ड की शिकायत मुख्यमंत्री काे पत्र लिखकर की है।
डॉ.एसके तिवारी ने बताया कि धूल से फेफड़ों में इंफेक्शन हो सकता है। लगातार इसके संपर्क से अस्थमा की आशंका बढ़ जाती है। बुजुर्गों को सांस लेने में दिक्कत होती है। लोग एलर्जी के कारण त्वचा में इंफेक्शन, एलर्जी की शिकायत लेकर इलाज के लिए अा रहे हैं। वहीं नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. बीएन शर्मा का कहना है कि धूल से आंखों में जलन, पानी आना, सूजन आना जैसी परेशानी आ सकती है।
उड़ती धूल से आंखाें में जलन, अफसरों को फिक्र नहीं खुद ही बरतें सावधानी
जैदा मंडी राेड पर राेजाना 900 छाेटे बड़े वाहन गुजरते हैं। मंडी के पीक सीजन में यहां वाहनों की संख्या हजाराें में पहुंच जाती है। खाताैली तिराहे से लेकर नागदा लिंक राेड तक सड़क की दाेनाें साइड अाबादी बस्तियां बसी हुई है। रोड के दोनों तरफ कुछ दूरी पर मकान-दुकान बने हुए हैं।
सड़क पर चलते वाहनों के साथ उड़ती धूल से लाेगाें की आंखाें में जलन और फेंफड़ों की बीमारी की शिकायतें हाे रही है। लेकिन जिम्मेदार काेई ध्यान नहीं दे रहे हैं। इस वजह से राहगीर, वाहन चालक और स्थानीय लोग सब परेशान हैं।
बारिश से बिगड़ी हाईवे, जिला व ग्रामीण सड़काें की सुध नहीं ले रहे विभाग जिले से गुजरने वाले हाईव , प्रमुख सड़क मार्ग व ग्रामीण सड़कों का समय पर मेंटेनेंस नहीं किया जा रहा है। चंबल केनाल रोड नागदा से लेकर सलापुरा तक जर्जर हो गई है। शिवपुरी -पाली हाईवे पर साेईंकलां व दांतरदा में बड़े बड़े गड्ढे हाे रहे हैं। गोरस-मुरैना राजमार्ग पर ओछापुरा से वीरपुर तक सड़क की साइड कट गई है। मानपुर-ढोढर रोड की भी यही हालत है। सड़क निर्माण कार्य में गुणवत्ता की अनदेखी तथा पैचवर्क तक घटिया होने की शिकायतें हैं। बारिश से बिगड़ी सड़काें काे सुधारने की पहल विभाग नहीं कर रहे हैं।
सड़क नहीं सुधारने पर सीएम से की मंडी बाेर्ड की शिकायत
जैदा मंडी राेड पर सड़क निर्माण के नाम पर लीपापोती करके किसान निधि से तीन कराेड़ रुपए ठिकाने लगा दिए गए। निर्माण कार्य बेहद घटिया हाेने की वजह से सड़क बनते ही उखड़ने लगी थी। बारिश के बाद सड़क पर डामर की जगह बिखरी पड़ी गिट्टी और गड्ढ़ों की भरमार हाे चुकी है।
उपज बेचने आने वाले किसानों के साथ ही स्थानीय रहवासी परेशान है। गारंटी पीरियड में मरम्मत में मंडी बाेर्ड की मनमानी की शिकायत मुख्यमंत्री काे पत्र भेजकर की है। जल्द सड़क दुरुस्त नहीं हुई ताे खरीफ सीजन में किसान आंदाेलन भड़क सकता है।
कविता सुरेश मीणा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्याेपुर