Two FOBs worth Rs. 3 crore, only 5-10 daily users; Lift off in one place, travel in other place | पौने 3 करोड़ के दो एफओबी, रोज इस्तेमाल करने वाले सिर्फ 5-10; एक जगह लिफ्ट बंद, दूसरी जगह ट्रेवलेटर

Two FOBs worth Rs. 3 crore, only 5-10 daily users; Lift off in one place, travel in other place | पौने 3 करोड़ के दो एफओबी, रोज इस्तेमाल करने वाले सिर्फ 5-10; एक जगह लिफ्ट बंद, दूसरी जगह ट्रेवलेटर


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भोपाल21 घंटे पहले

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ज्योति टॉकीज एफओबी

  • ज्योति टॉकीज चौराहे पर एफओबी का ट्रेवलेटर काफी अर्से से बंद पड़ा हुआ ह

आम आदमी के टैक्स से मिलने वाले रुपयों की बर्बादी के जीते जागते स्मारक हैं- आईएसबीटी और ज्योति टॉकीज पर मौजूद फुट ओवर ब्रिज (एफओबी)। इन दोनों पर दो करोड़ 85 लाख रुपए खर्च किए गए हैं। लेकिन दिनभर में सिर्फ 5-10 लोग ही इनका उपयोग कर रहे हैं। आईएसबीटी और कलेक्टोरेट के पास बने एफओबी का निर्माण स्मार्ट सिटी प्राेजेक्ट के तहत किया गया है। जबकि ज्योति टॉकीज के पास बने एफओबी का निर्माण नगर निगम ने किया है। अब सवाल यह उठता है कि जिन जिम्मेदारों ने एफओबी के लिए इन जगहों को चिह्नित किया, क्या उन्होंने पूरे मापदंडों पर गौर नहीं किया? या फिर जनता के पैसोें की बर्बादी ही इनका उद्देश्य था।

वजह… कट प्वांइट के पास ऐसे ब्रिज उपयोग के नहीं
आईएसबीटी पर मौजूद एफओबी पर दोनों ओर लगी लिफ्ट बंद पड़ी हुई है। वहीं, ज्योति टॉकीज चौराहे पर एफओबी का ट्रेवलेटर काफी अर्से से बंद पड़ा हुआ है। सड़क के दोनों ओर जिन स्थानों पर कट प्वाइंट होते हैं। वहां पर पैदल चलने वाले लोग एफओबी का कम ही उपयोग करते हैं। आईएसबीटी पर सड़क के दोनों तरफ कट हैं, जिस कारण लोग एफओबी का मजबूरी में ही कभी-कभी ही उपयोग करते दिखते हैं।

जहां 120 सेकंड ट्रैफिक की देरी हो रही, वहां बनता है
ट्रैफिक विशेषज्ञ सिद्धार्थ रोकड़े के मुताबिक जिस स्थान पर ट्रैफिक की देरी 120 सेकंड से ज्यादा होती है, वहां पर आम लोगों को सड़क पार करने के लिए यह बनाए जाते हैं। लेकिन अब एफओबी को बनाने की योजना को भारतीय अवधारणा में बंद कर दिया गया है।

ज्योति टॉकीज एफओबी

  • 60 मीटर लंबाई
  • 04 मीटर चौड़ाई
  • 09 मीटर ऊंचाई
  • 1.60 करोड़ रुपए खर्च

30 स्थानों पर बनने थे
शहर के बीच से निकले बीआरटी कॉरिडोर पर हर एक किमी यानी 30 स्थानों पर एफओबी बनाए जाना थे। लेकिन 15 स्थानों के लिए ही टेंडर निकाले जा सके और 2 ही स्थापित किए जा सके।

आकलन कराएंगे
आईएसबीटी एफओबी की व्यवस्थाओं को देखा जाएगा। जरूरत न होने पर हबीबगंज के प्लेटफॉर्म नंबर-1 की ओर शिफ्ट करने पर विचार कर सकते हैं।
आदित्य सिंह, सीईओ, स्मार्ट सिटी



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