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- Coronavirus Vaccine Storage Prepration In MP Indore; Shankar Lalwani Writes To Hardeep Singh Puri
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इंदौर18 मिनट पहले
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कोरोना वैक्सीन के स्टोरेज के लिए इदौर एयरपोर्ट पूरी तरह से तैयार है।
- सांसद शंकर लालवानी बोले – एयरपोर्ट ने इसके लिए हामी भरी, जल्द वैक्सीन के आने की उम्मीद
- इंदौर के 30 हजार, प्रदेश के 4 लाख से ज्यादा स्वास्थ्यकर्मियों को लगेगी वैक्सीन, सूची भेजी गई
कोरोना-19 महामारी के घटते-बढ़ते आंकड़ों के बीच कोरोना की वैक्सीन का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है। वैक्सीन के जल्द आने की उम्मीद को प्रधानमंत्री माेदी ने भी शुक्रवार को बल दे दिया। कोरोना के मुद्दे पर ऑल पार्टी मीटिंग (सर्वदलीय बैठक) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कुछ हफ्तों में कोरोना वैक्सीन तैयार हो जाएगी, पहला टीका बीमार बुजुर्गों और हेल्थ वर्कर्स को लगाया जाएगा। कोरोना वैक्सीन के रखरखाव के लिए इंदौर में भी तैयारियों करीब-करीब पूरी कर ली गई हैं। इसकी जानकारी सांसद शंकर लालवानी ने दी है। इंदौर एयरपोर्ट कार्गो टर्मिनल में कोरोना वैक्सीन के स्टोरेज की व्यवस्थाओं के संबंध में सांसद शंकर लालवानी ने नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पत्र लिखा था।

सांसद शंकर लालवानी और एयरपोर्ट डायरेक्टर ने स्वागत किया।
सांसद बोले – जल्द वैक्सीन के आने की संभावना
कोरोना वैक्सीन जल्द इंदौर में आने की संभावनाएं हैं। वैक्सीन को करीब -15 डिग्री तापमान पर रखना होगा। एयरपोर्ट पर फिलहाल – 8 डिग्री तक की व्यवस्थाएं है। -15 तक तापमान ले जाने के लिए एक रेफ्रिजरेटर की आवश्यकता है, इसमें ज्यादा खर्च भी नहीं आएगा। यदि यह व्यवस्था हो जाती है तो प्रदेश सहित सेंट्रल इंडिया के लिए सुविधा मिल जाएगी। एयरपोर्ट पर वैक्सीन स्टोरेज किया जा सकेगा और यहीं से प्रदेशभर में वितरण भी हो सकेगा। उन्होंने कहा प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक तापमान संधारण की व्यवस्था के लिए एएआई कार्गो लॉजिस्टिक कंपनी और कार्गो टर्मिनल अधिकारियों को निर्देशित करें।

सांसद ने कहा कि हमारे पास पूरी व्यवस्था।
एयरपोर्ट पहुंचे सांसद लालवानी ने कहा कि हम अभी कार्गो का विजिट कर रहे हैं। वैक्सीन की जरूरत के हिसाब से तापमान को और कम करने की व्यवस्था की जाएगी। एयरपोर्ट ऑथोरिटी ने वैक्सीन के लिए कार्गो उपलब्ध करवाने के लिए हामी भर दी है। जब भी वैक्सीन आएगी इसके लिए कार्गो का उपयोग किया जाएगा।
वहीं, इंदौर के फार्मा उद्योग ने भी कहा है कि हम सरकार को वैक्सीन के लिए उस तापमान वाली जगह उपलब्ध करवाएंगे। वहीं, एयरपोर्ट डॉयरेक्टर अर्यमा सान्याल ने कहा कि हमने कोल्ड स्टोरेज का निर्माण कर दिया है। इसका तापमान माइनस 7 डिग्री का है। वैक्सीन का क्या तापमान है, वह हमें नहीं पता। हमारी ओर से इसमें पूरा सहयोग किया जाएगा। यदि तापमान और कम करने की जरूरत हुई तो उसे भी हम कुछ ही समय में कर लेंगे।

सांसद ने आटोमैटिक पार्किंग मशीन का भी शुभारंभ किया।
इंदौर एयरपोर्ट पर 20 टन का कार्गो सेंटर तैयार
इंदौर एयरपोर्ट पर 20 टन का कार्गो सेंटर तैयार तैयार है। इसी में ही वैक्सीन के भंडारण की तैयारी चल रही है। एयरपोर्ट को ही स्टोरेज के लिए इस लिए भी चुना गया है, क्योंकि वैक्सीन इसी रास्ते शहरों तक पहुंचेगी। 20 टन क्षमता वाले इस कार्गो सेंटर में अभी इंडस्ट्रियल एरिया पीथमपुर सहित इंदौर जिले में बनने वाली दवाओं सहित अन्य उत्पाद को आवागमन के लिए स्टोर किया जाता है। इसके अलावा यहां फल और सब्जी का भी स्टोरेज हो सकता है।

सांसद ने तीसरे एयरोब्रिज का भी शुभारंभ किया।
अभी तीसरे चरण का ट्रायल चल रहा, रिपोर्ट डब्ल्यूएचओ के पास जाएगी
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार 0.5 मिली के दो डोज लगाए जाएंगे। पहले चरण में डॉक्टरों व स्वास्थ्यकर्मियों को लगाए जाएंगे। इंदौर से 30 हजार नामों की सूची भेजी गई है। प्रदेश के चार लाख से ज्यादा स्वास्थ्यकर्मियों को वैक्सीन लगाया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार अभी यह स्पष्ट नहीं है कि प्रदेश में कौन सा वैक्सीन लगाया जाएगा। फिलहाल सीरम इंस्टीट्यूट और भारत बायोटेक कंपनी के दो कोरोना वैक्सीन का तीसरे चरण का ट्रायल चल रहा है। वैक्सीन के बाजार में आने के लिए डब्ल्यूएचओ सर्टिफाइड होना जरूरी है। वहां से अनुमति मिलने के बाद ही वैक्सीन का उत्पादन होगा और यह बाजार में उपलब्ध हो सकेगी। जानकार मानते हैं कि इसमें कम से कम दो महीने का समय लगना तय है।
दो से आठ डिग्री तापमान पर रखरखाव की जरूरत होगी
राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉ. संतोष शुक्ला का कहना है कि हमने डॉक्टरों सहित स्वास्थ्य कर्मचारियों की सूची सरकार को भेज दी है। जहां तक व्यवस्था का सवाल है तो इन दोनों कंपनियों की वैक्सीन के लिए दो से आठ डिग्री तापमान वाले उपकरण की आवश्यकता होगी। हमारे पास इस क्षमता के उपकरण उपलब्ध हैं। पिछले साल एमआर वैक्सीन का कैंपेन चलाया गया था। सामान्य टीकाकरण के साथ ढाई करोड़ बच्चों को एमआर के वैक्सीन लगाए गए थे। हमारे पास पूरी तैयारी है। जैसे ही वैक्सीन मिलेगा, स्वास्थ्यकर्मियों को लगाना शुरू कर देंगे।