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- : Kamal Nath Update | Corona Health Worker Meets Former Chief Minister Of Madhya Pradesh Today In Bhopal
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भोपाल9 मिनट पहले
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भोपाल में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ से मिलने पहुंचे स्वास्थ्य कर्मचारी।
- गुरुवार को नीलम पार्क में आंदोलन करने पर पुलिस ने किया था हल्के बल का प्रयोग
- हेल्थ वर्कर्स बोले- अगर मांगें नहीं मानी गईं, तो बड़ा आंदोलन करेंगे
गुरुवार को नीलम पार्क में प्रदर्शन कर रहे 500 से अधिक कोविड-19 हेल्थ वर्कर्स पर पुलिस ने हल्के बल का प्रयोग किया था। इसके बाद भी स्वास्थ्य कर्मी अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं। आज उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ से मुलाकात की। कमलनाथ ने आश्वस्त किया है कि उनकी समस्या सुलझाने के लिए वे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से चर्चा करेंगे। वहीं, हेल्थ वर्कर्स ने कहा कि अगर हमें वापस काम पर नहीं रखा, तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
इधर, स्वास्थ्यकर्मी पूर्व मंत्री पीसी शर्मा से मिलने उनके आवास भी पहुंचे। पीसी ने कहा कि वह उनके साथ हैं। ऐसे कोरोना वाॅरियर्स डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ को निकाला नहीं जाना चाहिए। हम भी इसके खिलाफ हैं। डॉक्टरों का कहना है कि जब जरूरत थी, तो रख लिया, लेकिन अब हमें जरूरत है, तो निकाल रहे हैं। ये सरकार का दोहरा रवैया है, हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।
कमलनाथ ने कोरोना योद्धाओं पर लाठियां बरसाने की निंदा की थी
जहाँ एक तरफ़ विश्व भर में कोरोना योद्धाओं का सम्मान किया जा रहा है , उन्हें प्रोत्साहित किया जा रहा है वही दूसरी तरफ़ मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार उन पर बर्बर तरीक़े से लाठियाँ बरसा रही है , यह घटना बेहद निंदनीय व मानवीयता व इंसानियत को शर्मसार करने वाली। pic.twitter.com/Besp56S9Kc
— Office Of Kamal Nath (@OfficeOfKNath) December 3, 2020
असल में, कोविड ड्यूटी और कोरोना सैंपलिंग के लिए स्वास्थ्य विभाग ने आयुष डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ, लैब टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट और स्टाफ नर्स समेत अन्य मेडिकल स्टाफ को तीन महीने की सेवाओं के लिए रखा था, लेकिन कोरोना बढ़ता रहा और इनकी नौकरी भी। स्वास्थ्य विभाग ने बिना कोई आदेश निकाले, इन्हें एक-एक कर निकालना शुरू कर दिया है। इस पर स्वास्थ्यकर्मियों ने विरोध शुरू कर दिया।
मध्यप्रदेश शासन ने कोरोना ड्यूटी के लिए कुल 6213 स्वास्थ्य कर्मचारियों को कोविड-19 ड्यूटी के लिए रखा था। इनमें स्टाफ नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ, लैब टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट समेत अन्य स्टाफ शामिल थे। गुरुवार को जब ये शांतिपूर्वक तरीके से नीलम पार्क में आंदोलन कर रहे थे तो पुलिस उन्हें हटाने पहुंची और जब वह नहीं माने तो पुलिसकर्मियों ने उन्हें जबरन उठाने की कोशिश और बाद में लाठी चार्ज कर दिया था।
कार्रवाई में पुलिस ने महिलाओं तक को नहीं छोड़ा था। प्रदर्शन में महिलाओं समेत 15 से अधिक लोगों को चोटें आई हैं, जबकि करीब 15 प्रदर्शनकारियों को गैर जमानती धाराओं में केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया और जेल भेज दिया था।
मप्र पुलिस की कार्रवाई की पूरे देश में निंदा हो रही है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी से लेकर कमलनाथ तक ने इसे बर्बर कार्रवाई बताया है। उन्होंने कहा कि पहले फूल बरसाए और अब लाठियां मार रहे हैं।