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- Former Manager Accused Of Selling Jewelery Pledged In Manappuram Bank, Written Complaint To Police
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इंदौर27 मिनट पहले
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- पुलिस पर भी जांच में लापरवाही का आरोप, अब एएसपी करेंगे जांच
शहर के एक डीओसी व्यापारी ने पुलिस को शिकायती आवेदन दिया है। इसमें आरोप लगाया है कि मणप्पुरम बैंक के एक पूर्व मैनेजर ने बिना उनकी अनुमति के मां के गिरवी रखे जेवर बेच दिए। जब वे जेवर का पूछने गए तो मैनेजर ने 50 हजार रुपए बढ़ा भाव देकर टरका दिया। अब वह उस बैक में नहीं है। साथ ही जेवर भी नहीं दे रहा है। व्यापारी का आरोप है कि पुलिस ने जब जांच की तो उसके बयान ही बदल दिए। उधर पुलिस का कहना है कि जांच जारी है। पुलिस को बैंक ने रसीद दी है, जिसमें व्यापारी की प्राप्ति की रसीद में साइन भी है।
जानकारी के अनुसार स्कीम नंबर 78 में रहने वाले डीओसी के व्यापारी तेजिंदर सिंह छाबड़ा ने धोखाधड़ी की शिकायत की है। व्यापारी ने पुलिस को बताया कि उनका उज्जैन में भी खेती बाड़ी का कामकाज है। उन्होंने दो साल पहले मां सुरिंदर कोर के गहने मणप्पुरम बैंक में गिरवी रखवाया था। जिसका हर महीने दस हजार रुपए का ब्याज मैनेजर हेमंत कुमार को देते थे। अब जब सोने का भाव बढ़ा तो छाबड़ा बैंक पहुंचे। वहां कहा कि सोने का भाव बढ़ गया है इसलिए इसका डिफरेंस दे दो। बैंक ने तब उन्हें 50 हजार रुपए दे दिए। कुछ माह पहले जब छाबड़ा बैंक पहुंचे और कहा कि वे अपना सोना अब छुड़ाना चाहते हैं, तो बैंक से कहा गया कि उनका सोना तो नीलाम होने वाला था, इसलिए उसे सुनार को बेच दिया गया। यह सुनकर छाबड़ा चौंक गए। उन्होंने पुराने मैनेजर से बात की। उसने कहा कि वह सोना छुड़वा देगा, लेकिन अभी नहीं कर पाएगा। इसके बाद छाबड़ा ने इसकी शिकायत लसूड़िया थाने और सीएसपी को की। वहां पर जांच चली तो कोई दीक्षित नामक व्यक्ति ने दो-तीन बार छाबड़ा को फोन लगाकर धमकाया। कहा कि समझौता कर लो। फिर छाबड़ा ने जांच के लिए आगे पत्र लिखे। जब वहां फाइल पहुंची तो छाबड़ा ने देखा कि जिम्मेदार पुलिस ने बयान ही बदल दिए हैं। अब इसकी जांच एएसपी को मिली है। उधर, पता चला है कि छाबड़ा की जेवर प्राप्ति वाली रसीद पर साइन है, जो पुलिस को बैंक ने दिखाई है, जबकि छाबड़ा का कहना है कि उन्होंने कभी जेवर लिए ही नहीं। इसलिए वह फर्जी साइन हो सकती है।
जांच जारी है
मेरे संज्ञान में यह पूरा मामला आया है। मैंने अभी दोनों पक्षों के बयान औऱ अन्य दस्तावेज लिए हैं। इसकी जांच की जा रही है। यदि बैंक मैनेजर दोषी है तो उस पर कार्रवाई होगी। वहीं यदि व्यापारी की गलती है तो उनकी शिकायत निरस्त कर दी जाएगी। -राजेश रघुवंशी, एएसपी