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ग्वालियर13 मिनट पहले
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कड़ाके की ठंड में इस तरह लोग खुद का बचाव कर रहे हैं
- न्यूनतम तापमान में मामूली उछाल, पर सर्दी से नहीं राहत
- गुरुवार को ग्वालियर में रहा था प्रदेश का सबसे ठंडा दिन
नए साल की पहली सुबह हल्की धुंध और ठिठुरन वाली ठंड के साथ हुई है। हवा का कहर जारी है और धूप भी ठीक से नहीं निकली है। यही कारण है कि लोगों को हाड़ कपा देने वाली सर्दी का अहसास हुआ है। शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 4.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। बीते दिवस की तुलना में पारा में मामूली उछाल आया है, लेकिन इतना भी नहीं कि ठिठुरन से राहत मिल सके।
उत्तर भारत सहित पूरे अंचल का मौसम पिछले सात दिन में बदल गया है। तेजी से अंचल के शहरों का तापमान नीचे लुढ़का है। यही कारण है कि अंचल के दतिया, ग्वालियर, शिवपुरी और भिंड प्रदेश में सबसे ज्यादा ठंडे बने हुए हैं। साल 2020 का आखिरी दिन गुरुवार को ग्वालियर का अधिकतम तापमान 17.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ था। जो पूरे प्रदेश में सबसे ठंडा दिन माना गया है। क्योंकि सुबह से ही आसमान में कोहरा छाया हुआ था। इसके साथ ही नए साल 2021 की शुरूआत भी कोई अलग नहीं हुई है। 1 जनवरी की सुबह धुंध और कड़ाके की ठंड के साथ हुई है। लोग ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा लेते नजर आए हैं।
मौसम वैज्ञानिक सीके उपाध्याय का कहना है कि अभी सर्दी से राहत मिलने वाली नहीं है। तापमान में एक से दो डिग्री का उतार-चढ़ाव बना रहेगा। पर उत्तर भारत से आने वाली ठंडी या बर्फीली हवा से ठिठुरन बनी रहेगी। फिलहाल कोई सिस्टम सक्रिय नहीं होने से मौसम ऐसा ही बना रहेगा।
बारिश की संभावना
मौसम विभाग की माने तो आने वाले 3 से 4 दिन में बारिश और ओले की संभावना बन रही है। यदि बारिश या ओले गिरते हैं तो ठंड में और इजाफा होगा। उस समय रात की अपेक्षा दिन का तापमान गिरेगा।
कोहरा से यातायात प्रभावित
धुंध और कोहरा का व्यापक असर यातायात पर देखने को मिल रहा है। ट्रेन लगातार देरी से चल रही हैं। ज्यादातर दिल्ली से आने वाली ट्रेन देरी से आ रही हैं। शुक्रवार को भी शताब्दी एक्सप्रेस, पंजाबमेल, मंगला एक्सप्रेस देरी से चली हैं। यह सभी दिल्ली से भोपाल के लिए जाने वाली ट्रेन हैं।