Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप
हरदा14 मिनट पहले
- कॉपी लिंक
- शिशु वार्ड में चल रही थी बिजली फिटिंग, गंदगी भी मिली
- भाेपाल से ऑनलाइन साढ़े तीन घंटे तक किया निरीक्षण
जिला अस्पताल में कायाकल्प 2020 के तहत शनिवार काे साढ़े तीन घंटे तक ऑनलाइन निरीक्षण किया। भाेपाल से डाॅ. विवेक मिश्रा व डाॅॅ. संदीप ने हर एक वार्ड की व्यवस्था देखी। इस दाैरान शिशु वार्ड में कर्मचारी बिजली फिटिंग करते मिले, पुराने भवन से एसएनसीयू जाने वाली गैलरी में कर्मचारी ने डस्टबिन खाली कर कचरा पॉलीथिन में भरकर छाेड़ दिया।
फायर एक्जिट के संकेतक नहीं मिलने पर निरीक्षण टीम ने उसे लगाने के निर्देश दिए।
मन कक्ष, शिशु वार्ड में नर्सों से सवाल भी किए। इसमें ग्लव्ज कैसे पहने जाते हैं। सफाई कब-कब हाेती है। मरीजों के इलाज के तरीके काे लेकर सवाल किए। इसमें नर्स जवाब नहीं दे पाई। इससे नंबर कटने के अासार है। जिला अस्पताल ने सेल्फ असेसमेंट में खुद काे 78 प्रतिशत अंक दिए हैं। निरीक्षण में इतने नंबर मिलना भी मुश्किल है। कायाकल्प के नाेडल अधिकारी डाॅ. राजेश सतीजा व डाॅॅ. माेनू चाैरे की टीम ने जूम एप पर मोबाइल के जरिए जिला अस्पताल का ऑनलाइन निरीक्षण कराया।
निरीक्षण के दाैरान जगह-जगह लटकते मिले वायर
वार्डाें के ऑनलाइन निरीक्षण के दाैरान क्वालिटी मॉनिटरिंग करने वाली टीम काे खामियां मिली। जगह-जगह बिजली के वायर लटके हुए थे। संकेतक के साइज छाेटे हाेेने पर बढ़ाने के निर्देश दिए। फायर एक्जिट का काेई संकेतक तक नहीं मिला। ऑनलाइन निरीक्षण के दाैरान कर्मचारी शिशु वार्ड की गैलरी में कर्मचारी लाइट फिटिंग करते मिले। इस पर भी टीम ने जवाब तलब किया।
पिछले साल 65% अंक, इस बार 78% अंक मिलने की आस
कायाकल्प याेजना में पिछले साल जिला अस्पताल काे 65 प्रतिशत अंक मिले थे। वर्ष 2020 में 78 प्रतिशत अंक मिलने की उम्मीद है। वर्ष 2015 में जिला अस्पताल को 16.6 प्रतिशत, 2016 में 60.8 प्रतिशत अंक मिले। 2017 में अस्पताल का स्कोर 44.8 प्रतिशत पर रहा। वर्ष 2019 में जिला अस्पताल ने बेहतर व्यवस्थाएं जुटाकर 65 फीसदी अंक हासिल किए।
जगह-जगह पान-पाउच के पीक के निशान मिले
निरीक्षण में स्टेट की क्वालिटी टीम ने अस्पताल की ऑनलाइन सफाई व्यवस्था देखी। इस दाैरान वाहन पार्कंग, गार्डन, मरीजों के बैठने की व्यवस्था भी देखी गई। साफ-सफाई व्यवस्था भी देखी गई। हालांकि, ट्रामा सेंटर में निरीक्षण के दाैरान कर्मचारी सफाई में जुटे रहे। पुराने भवन से एसएनसीयू तक जाने वाली गैलरी के काैने में गुटखा-पन के पाउच के पीक नजर आए। सफाईकर्मियाें ने डस्टबिन से कचरा खाली कर पॉलीथिन में भरकर छाेड़ दिया। हालांकि, टीम की नजर कचरे तक नहीं पहुंची। लेकिन तय है कि इस बार सर्वे में नंबर जरूर कटेंगे।