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दौड़वा19 घंटे पहले
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खेत में फसल उखाडकर डाली गई अधूरी पाइप लाइन दिखाता किसान।
ग्राम में करीब 850 करोड़ रुपए की बिंजलवाड़ा उद्वहन सिंचाई योजना का लाभ किसानों को नहीं मिल रहा है। पिछले 1 साल से किसान सोहन श्रीवास, श्यामलाल यादव, राजेश जायसवाल सहित करीब 14 किसानों के खेतों को बंजर करने के बाद भी उनकी फसलों का मुआवजा स्वीकृत नहीं किया।
पाइप लाइन डालने के लिए खेतों में लगी कपास व तुअर की फसल को उखाड़कर गहरी खुदाई करके छोड़ दिया। किसान श्यामलाल के कपास व तुअर की फसल सहित कुआं भी पाइप लाइन की खुदाई में गया। इसका मुआवजा 3 माह तक नहीं मिलने पर काम रुकवा दिया। विरोध करने पर किसानों को लालच देकर जीवीपीआर कंपनी ने झूठा आश्वासन देते रहे। रबी की फसल आने पर जहां गहरीकरण नहीं हुआ वहां ब्लास्टिंग कर फसलों को खराब कर दिया। किसानों ने वर्तमान में कोई फसल नहीं लगाई।
एक किसान ने चने की फसल लगाई उसे भी उखाड़ दी गई। करीब 150 ब्लास्टिंग की गई। किसानों को मुआवजा राशि नहीं मिली। निर्माणाधीन कंपनी की शिकायत करने पर किसानों को जानकारी नहीं मिली। इस संबंध में जीवीपीआर कंपनी के सीनियर मैनेजर सुरेश मानी ने बात करने से मना करते हुए जानकारी ना होने की बात कहते हुए पटवारी से बात करने को कहा। मुआवजा तो सरकार से नोटिफिकेशन होने के बाद ही आएगा। पटवारी विनोद वर्मा ने बताया एक या दो दिन में 14 किसानों के खातों में पैसे आ जाएंगे लेकिन किसानों की एक साल की पूंजी बर्बाद हो रही है।