बड़ी उपलब्धि: रेलवे अब लोकल बनवाएगा 19 से ज्यादा उपकरण

बड़ी उपलब्धि: रेलवे अब लोकल बनवाएगा 19 से ज्यादा उपकरण


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रतलाम7 मिनट पहले

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  • उद्यमियों को देखने के लिए लगाई उपकरणों की नुमाइश

लोकल फॉर वोकल को बढ़ावा देने के लिए रेलवे अब वर्कशॉप और शेड में इस्तेमाल होने वाले 19 से ज्यादा उपकरण मंडल के दायरे में आने वाले वेंडरों से ही बनवाएगा और खरीदेगा भी। लोकल बनाए जाने वाले ऐसे उपकरणों को गुरुवार को रेलवे ऑफिसर्स क्लब में सजाया गया। पहली बार लगाई अपनी तरह की इस पहली प्रदर्शनी का शुभारंभ डीआरएम विनीत गुप्ता ने किया। हर उपकरण के साथ क्यूआर कोड भी लगा है। उसको स्कैन करते ही वेंडर और उद्यमियों को उपकरण के बारे में सारी जानकारी मिल जाएगी। लोकोमाटिव, कोच/वेगनों, सिग्नलिंग सिस्‍टम, टीआरडी विभाग, डीजल एवं विद्युत लोको शेडों, एसी कोचेज आदि में इस्तेमाल होने वाले इन उपकरणों के देखने पहले दिन इंदौर, देवास, रतलाम और पीथमपुर के 31 उद्यमी पहुंचे। इन्हें रजिस्‍ट्रेशन एवं अन्‍य प्रक्रियाओं के बारे में भी बताया जा रहा है। प्रदर्शनी 21 जनवरी तक चलेगी।

ऐसे उपकरण सप्लाई कर सकेंगे वेंडर, कराना होगा रजिस्ट्रेशन

{ इच्छुक वेंडर को अनुसंधान डिजाइन और मानक संगठन (आरडीएसओ) और चितरंजन लोकोमोटिव वर्क्स (सीएलडब्ल्यू) में रजिस्ट्रेशन कराना होगा।
{ एप्लीकेशन के साथ वेंडर खुद के वर्कशॉप, केपिसिटी, टर्नओवर सहित अन्य जानकारी देना होगी।
{ परीक्षण करने के बाद रेलवे संबंधित उद्यमी का पंजीयन करेगा।
{ इसके बाद उद्यमियों को उपकरण बनाकर उसका आरडीएसओ और सीएलडब्ल्यू से अप्रूवल भी लेना होगा।
{ अप्रूवल मिलने के बाद रेलवे सीधे लोकल उद्यमियों से उपकरण खरीद सकेगा।
ये उपकरण लोकल बनेंगे
ब्रेक सिलेंडर, क्लच स्प्रिंग, ब्रेक पैड, ब्रेक डिस्क, कंट्रोल रॉड, स्क्रू कपलिंग, मोडिफाइड इलास्टोमेरिक पैड, एडॉप्टर, प्रोग्राम स्विच जेडपीटी, लिमिट स्विच, हेड लाइट लैंप, डिजिटल नॉच इंडिकेटर, क्यूएलएम ओवर कैरेंट रीले, प्रोटेक्टिव रीले, रीले अर्थ फॉल्ट, नो वोल्टेज रीले, यूनिवर्सल फेल सेफ ब्लॉक इंटरफेस, सिग्नल सेक्शप डिजिटल एक्सल काउंटर, लेट लाइट यूनिट आदि।
संख्या बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चला रहे

^अभी आरडीएसओ और सीएलडब्ल‍यू अनुमोदित वेंडरों की संख्या बहुत कम है। उपकरणों के तेजी से निर्माण के लिए स्थानीय स्तर पर इनकी संख्या बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। क्यूआर कोड के साथ अधिकारी भी उद्यमियों को जानकारी दे रहे हैं। विनीत गुप्ता, डीआरएम



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