IND vs AUS, Gabba Win: सीए ने बीसीसीआई का आभार व्यक्त करते हुए पत्र में लिखा, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया में सभी की तरफ से हम बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी बरकरार रखने के लिए इस सीरीज में दिखाए गए साहस, दृढ़ता और कौशल के लिए भारतीय टीम को बधाई देते हैं. इस सीरीज की आने वाली पीढ़ियों में भी चर्चा होती रहेगी.
IND vs AUS, Gabba Win: सीए ने बीसीसीआई का आभार व्यक्त करते हुए पत्र में लिखा, ”क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया में सभी की तरफ से हम बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी बरकरार रखने के लिए इस सीरीज में दिखाए गए साहस, दृढ़ता और कौशल के लिए भारतीय टीम को बधाई देते हैं. इस सीरीज की आने वाली पीढ़ियों में भी चर्चा होती रहेगी.”
सीए ने बीसीसीआई का आभार व्यक्त करते हुए पत्र में लिखा, ”क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया में सभी की तरफ से हम बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी बरकरार रखने के लिए इस सीरीज में दिखाए गए साहस, दृढ़ता और कौशल के लिए भारतीय टीम को बधाई देते हैं. इस सीरीज की आने वाली पीढ़ियों में भी चर्चा होती रहेगी.”
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यह पत्र सीए के अंतरिम सीईओ निक हॉकले और अध्यक्ष अर्ल इडिंग्स ने ‘भारतीय क्रिकेट के मित्रो’ के संबोधन के साथ शुरू किया है जिसमें सौरव गांगुली की अगुवाई वाले बोर्ड का कोविड-19 महामारी के बावजूद सफलतापूर्वक दौरा करने के लिए आभार व्यक्त किया गया है.IND vs AUS: खुद जश्न मनाने की जगह कप्तान रहाणे ने एक-एक खिलाड़ी को गले लगाकर थपथपाई पीठ
पत्र में कहा गया है, ”ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट अपनी दोस्ती, विश्वास और प्रतिबद्धता के लिए हमेशा बीसीसीआई का आभारी रहेगा जिसने एक सीरीज के आयोजन में मदद करके दुनिया के लाखों लोगों को मुश्किल समय में खुशी मनाने का मौका दिया.” सीए ने लिखा है, ”वैश्विक महामारी के दौरान अंतरराष्ट्रीय दौरे से जुड़ी कई चुनौतियां हैं और हम भारतीय खिलाड़ियों, कोचों और सहयोगी स्टाफ का आभार व्यक्त करते हैं.”
An open letter to our friends in Indian Cricket, and to everyone who played their part to help deliver this memorable series! @BCCI pic.twitter.com/rk4cluCjEz
— Cricket Australia (@CricketAus) January 20, 2021
भारत और ऑस्ट्रेलिया दोनों टीमों ने सिडनी टेस्ट में मोहम्मद सिराज और जसप्रीत बुमराह पर नस्ली टिप्पणियों के बावजूद अपना ध्यान क्रिकेट पर बनाए रखा. ऑस्ट्रेलियाई बोर्ड ने कहा, ”सार्वजनिक स्वास्थ्य और साजो सामान से जुड़ी चुनौतियों के बावजूद बीसीसीआई ने अंतरराष्ट्रीय खेल के सबसे बड़े दूत की अपनी ख्याति के अनुरूप सहयोग की भावना बनाए रखी. हम इसे संभव बनाने के लिए बीसीसीआई में अपने मित्रों के बलिदान को कभी नहीं भूलेंगे.”