Gwalior News: सिग्नल तोड़ने, हेलमेट न पहनने के रोज 15 हजार केस, ट्रैफिक नियम तोड़ना लोगों की आदत बनी

Gwalior News: सिग्नल तोड़ने, हेलमेट न पहनने के रोज 15 हजार केस, ट्रैफिक नियम तोड़ना लोगों की आदत बनी


स्मार्ट सिटी के इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के तहत ग्वालियर में 31 जंक्शन बनाए जाने हैं, जिनमें 11 जंक्शनों पर काम पूरा हो चुका है. (फाइल)

ग्वालियर में ट्रैफिक सिस्टम को अपडेट करने के लिए स्मार्ट सिटी ने इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम शुरू किया है. 31 चौराहों और तिराहों पर इस सिस्टम को इंस्टॉल करना है. 11 चौराहोंं पर सिस्टम ने काम करना शुरू कर दिया है.


  • News18Hindi

  • Last Updated:
    January 30, 2021, 9:40 AM IST

ग्वालियर. ग्वालियर में वाहन चालकों की ट्रैफिक नियम तोड़ना आदत बन गई है. ये खुलासा स्मार्ट सिटी के इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (Integrated traffic management system) के 11 ट्रैफिक जंक्शनों की रिपोर्ट में सामने आया है. इन चौराहों पर 15 हजार लोग रोज रेड सिग्नल तोड़ते हैं और बिना हेलमेट लगाए गुजरते हैं.

ट्रैफिक रूल तोड़ने के इतने मामले सामने आने से अफसर भी हैरत में हैं, क्योंकि रोज 15 हजार लोगों के ई-चालान करना पुलिस के बस में नहीं है. असल में इन चौराहों को अत्याधुनिक सेंसर डिवाइस के जरिए ट्रैक किया जा रहा है, जिसकी कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में बड़ी स्क्रीन पर लाइव मानीटरिंग की जाती है.

स्मार्ट सिटी के इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के तहत शहर में 31 जंक्शन बनाए जाने हैं, जिनमें 11 जंक्शनों पर काम पूरा हो चुका है. इन जंक्शनों को पूरी तरह कमांड सेंटर के सर्विलांस में लिया जा चुका है. यहां ट्रैफिक नियम टूटना जैसे रेड सिग्नल ब्रेक होने से लेकर बिना हेलमेट, गलत टर्न यह सेंसर से पता लग जाता है। कमांड सेंटर में लगा स्टाफ इसकी लाइव मानीटरिंग करता है.

11 चौराहों पर रोज 15 हजार लोग ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। इसमें स्मार्ट सिटी के डेटा के आधार पर ट्रैफिक पुलिस की ओर से ई-चालान जनरेट किए जाते हैं. मोतीमहल स्थित कमांड सेंटर से हर रोज करीबन 200 ई-चालान डाक के माध्यम से गाड़ी नंबर के आधार पर आए पते पर भेजे जाते हैं. रोज जितने लोग ट्रैफिक नियम तोड़ रहे हैं, उनमें 1.5 फीसद लोगों भी ई-चालान नहीं भेजे जा पा रहे.31 शुरू होंगे तो बढ़ेगी मुसीबत
इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के तहत अभी 11 चौराहों पर ही सिस्टम चालू हो पाए हैं. जब शहर के सभी 31 चौराहों पर मानीटरिंग शुरू हो जाएगी तब और मुसीबत बढ़ेगी. इसके लिए स्मार्ट सिटी, पुलिस को बड़ा सिस्टम तैयार करना होगा, जिससे ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के घर ई-चालान पहुंचाया जा सके और जुर्माना वसूला जा सके. इंदौर और भोपाल में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के घर में चालान पहुंच रहे हैं और चालान भरने वालों की भीड़ भी जुट रही है.








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