MP News: बीजेपी विधायक ने चला ‘प्रेशर पॉलिटिक्स’ कार्ड, विंध्य प्रदेश की मांग पर संघर्ष तेज

MP News: बीजेपी विधायक ने चला ‘प्रेशर पॉलिटिक्स’ कार्ड, विंध्य प्रदेश की मांग पर संघर्ष तेज


मैहर से बीजेपी विधायक नारायण त्रिपाठी (फाइल फोटो)

Demand of Separate Vindhya Pradesh: माना जा रहा है कि नारायण त्रिपाठी जल्द ही अलग विंध्य प्रदेश की मांग को लेकर एक बड़ा आंदोलन खड़ा करने की तैयारी में हैं.


  • News18Hindi

  • Last Updated:
    January 30, 2021, 10:24 AM IST

भोपाल. सतना के मैहर से बीजेपी विधायक (BJP MLA) नारायण त्रिपाठी ने एक बार फिर विंध्य प्रदेश (Vindhya Pradesh) के बहाने प्रेशर पॉलिटिक्स का कार्ड चल दिया है. ऐसे में मध्य प्रदेश की राजनीति में उबाल आ गया. बुधवार को नारायण त्रिपाठी 300 कारों और समर्थकों के साथ सीधी जिले में चुरहट के लिए निकले जहां उन्होंने एक बड़ी सभा करने के बाद आंदोलन को बल दिया. हालांकि इस मामले में प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने उन्हें पार्टी लाइन से हटकर बात ना करने की हिदायत दी थी लेकिन नारायण त्रिपाठी ने उनकी एक भी ना मानी और संघर्ष की तैयारी कर ली.

माना जा रहा है कि नारायण त्रिपाठी जल्द ही अलग विंध्य प्रदेश की मांग को लेकर एक बड़ा आंदोलन खड़ा करने की तैयारी में हैं. उन्होंने विंध्य के सभी जिलों में सभाएं और संवाद का कार्यक्रम तय कर लिया है

खत के जरिये समर्थन

नारायण त्रिपाठी अलग विंध्य प्रदेश के लिए खत के जरिए भी समर्थन मांग चुके हैं. उन्होंने विंध्य प्रदेश की मांग को लेकर विंध्य क्षेत्र की सभी लोकसभा सीट के सांसदों को खत लिखा. उनसे विंध्य प्रदेश के लिए समर्थन मांगा. नारायण त्रिपाठी ने ऐलान किया है कि विंध्य प्रदेश के लिए अगर उन्हें आंदोलन या धरना प्रदर्शन भी करना पड़ा तो फिर वह इससे पीछे नहीं हटेंगे.नारायण की प्रेशर पॉलिटिक्स

नारायण त्रिपाठी इससे पहले भी विंध्य को अलग प्रदेश बनाने और मैहर को जिला बनाने की मांग को लेकर प्रेशर पॉलिटिक्स करते रहे हैं. 2018 के बाद मध्य प्रदेश में बनी कांग्रेस सरकार के दौरान उन्होंने एक बार विधानसभा में बीजेपी के खिलाफ ही वोट कर दिया था. जिसको लेकर काफी हंगामा मचा था.

मध्यप्रदेश में कमलनाथ सरकार गिरने के राजनीतिक घटनाक्रम के दौरान भी नारायण त्रिपाठी तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ से मुलाकात करने कई बार सीएम हाउस पहुंचे थे, उस वक्त भी उन्होंने मैहर को जिला बनाने और विंध्य को प्रदेश बनाने की मांग उठाई थी. लिहाजा अब उनकी इस मांग को फिर से प्रेशर पॉलिटिक्स से जोड़कर देखा जा रहा है.








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