प्रति वर्ष 60 पदों पर भर्ती
इसके अंतर्गत प्रति वर्ष 60 पदों पर भर्ती की जाएगी. जिसमें 10 पद सब इंस्पेक्टर और 50 पद कांस्टेबल के होंगे. यह जानकारी मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने दी. उन्होंने बताया कि इसका लाभ दिव्यांग खिलाड़ियों को भी दिया जाएगा.
न परीक्षा और न फिजिकल टेस्ट
इन पदों पर भर्ती के लिये खिलाड़ियों के पास आवश्यक शैक्षणिक योग्यता होनी आवश्यक है, लेकिन उनकी किसी प्रकार से न तो परीक्षा ली जाएगी और न ही फिजिकल टेस्ट देना होगा. पदक के आधार पर तय होगी वरिष्ठता अधिकारियों ने बताया कि पदक विजेताओं को नौकरी देने की व्यवस्था लागू होने के बाद पदक के स्तर के आधार पर वरिष्ठता का निर्धारण होगा और उन्हें क्रमानुसार नियुक्ति दी जा सकेगी. एक अन्य व्यवस्था के तहत अभी पुलिस महानिदेशक आरक्षक और प्रधान आरक्षक स्तर पर विशेष परिस्थितियों में नियुक्ति दे सकते हैं. इस व्यवस्था का खिलाड़ियों से संबंध नहीं है.
नहीं है पदक विजेताओं को नौकरी देने की नीति
डॉ. मिश्रा ने कहा कि इन भर्तियों के लिए समिति का गठन किया जाएगा.यह समिति ही पदक विजेताओं का भर्ती के लिए चयन करेगी.इसमें खेल विभाग से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी रहेंगे.इस आशय का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है.जल्द ही कैबिनेट से इसे मंजूर किया जाएगा.अभी तक प्रदेश में विक्रम अवार्ड पाने वालों को ही नौकरी मिलती थी.दरअसल, पदक विजेताओं को नौकरी देने की नीति मध्य प्रदेश में अभी तक नहीं है.जबकि अन्य राज्यों में यह व्यवस्था है.