नोएडा आरटीओ दफ्तर से जुड़े जानकारों की मानें तो सख्ती करने के मकसद से यह आदेश जारी किया गया है कि अगर कोई वाहन स्वामी बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाए आरटीओ दफ्तर में रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट की सेकेंड कॉपी लेने आता है, वाहन का रजिस्ट्रेशन ट्रांसफर करना चाहता है, पता परिवर्तन, रजिस्ट्रेशन का नवीनीकरण, अनापत्ति प्रमाण पत्र, हाइपोथैकेशन कैंसिलेशन, हाइपोथैकेशन एंडोर्समेंट, नया परमिट, अस्थाई परमिट, विशेष परमिट, लोन वाले वाहनों का निस्तारण, टैक्स और नेशनल परमिट के काम कराने आता है तो वो बिना नई नबंर प्लेट के नहीं किए जाएंगे.
क्या है हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट
जानकारों की मानें तो एचएसआरपी एक होलोग्राम स्टीकर होता है. इस पर वाहन के इंजन और चेसिस नंबर दर्ज होते हैं. प्लेट पर एक तरह का पिन होगा जो आपके वाहन से जोड़ा जाएगा. यह नंबर प्लेट खासतौर से वाहनों को सुरक्षा देने के लिए तैयार की गई है. चोरी होने की हालत में वाहन को बरामद करने में इससे पुलिस को बड़ी मदद मिलेगी.
Helicopter Service: नोएडा से 2 एयरपोर्ट और 36 शहरों को उड़ान भरेंगे Bell-MI हेलीकॉप्टर
दिल्ली-एनसीआर के अलावा बाकी जिलों के लिए अलग-अलग तारीखें
दिल्ली-एनसीआर छोड़कर यूपी के बाकी सभी जिलों में निजी वाहनों पर वाहन रजिस्ट्रेशन के इकाई नम्बर के अनुसार हाई सिक्योरिटी प्लेट लगाने की तारीखें तय की गई हैं. इसके तहत जिन वाहनों के नंबर के अंत में 0 या 1 है उन पर 15 जुलाई 2021 तक हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट एवं कलर कोडेड स्टीकर लगवाना अनिवार्य होगा.
वहीं, जिन निजी वाहनों के पंजीकरण नंबर के अंत में 2 और 3 हैं, उन पर 15 अक्टूबर तक, जिन नंबर का इकाई नंबर 4 या 5 है, उन पर 15 जनवरी 2022 तक, जिनके वाहनों के नंबर के अंत में 6 या 7 हैं, उन्हें 15 अप्रैल 2022 तक और जिनके वाहनों के पंजीकरण की इकाई का नंबर 8 या 9 है, उन्हें 15 जुलाई 2022 तक हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट एवं कलर कोडेड स्टीकर लगवाना अनिवार्य होगा. निर्धारित तारीखों के बाद हाई सिक्योरिटी प्लेट न लगवाने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.