पक्षी गणना: जवाई क्षेत्र में पहली बार नजर आया दुर्लभ पक्षी नाॅर्थर्न लेपविंग

पक्षी गणना: जवाई क्षेत्र में पहली बार नजर आया दुर्लभ पक्षी नाॅर्थर्न लेपविंग


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सुमेरपुरकुछ ही क्षण पहले

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  • 1 फरवरी से शुरू हुई पक्षी गणना

जिलेभर में पक्षी गणना 1 फरवरी से शुरू हुई थी, जो 7 फरवरी तक चलेगी। जवाई बांध समेत अन्य जल भराव क्षेत्रों पर वन-विभाग और जवाई वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन एंड रिसर्च इंस्टिट्यूट के सदस्य संयुक्त रूप से पक्षी गणना कर रहे हैं। जवाई क्षेत्र में गणना कर रहे कृष्णपाल पारंगी और पुष्पेंद्रसिंह राजपुरोहित ने एक दुर्लभ पक्षी नाॅर्थर्न लेपविंग को रिकॉर्ड किया। यह पक्षी जवाई क्षेत्र में पहली बार दिखा है। यह लेपविंग परिवार का सदस्य है, इसका वैज्ञानिक नाम वैनेलस है। ये पक्षी यूरोप, उत्तरी अफ्रीका, उत्तरी भारत, नेपाल, भूटान, चीन, मंगोलिया, थाईलैंड, कोरिया और अधिकांश रूस में पाए जाते हैं।

पानी के किनारों की बजाय खेतों में रहना पसंद करते

पारंगी ने बताया कि यह मुख्य रूप से काला और सफेद होता है, लेकिन पीछे की तरफ हरे रंग का होता है। अक्सर झुंड में दिखाई देता है। यह कीड़ों और केंचुओं को भोजन बनता है। खेती योग्य भूमि और अन्य लघु वनस्पति आवासों पर प्रजनन करता है। ये मार्च के अंत से लेकर जून की शुरुआत तक अंडे देते हैं। यह अक्सर पानी के किनारों की बजाय खेतों में रहना पसंद करते हैं। यह एक प्रवासी पक्षी है, जो 3 से 4 हजार किलोमीटर दूर तक प्रवास कर सकता है।



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