डिप्रेशन से गुजर चुके हैं कोहली: 2014 में इंग्लैंड टूर पर फेल रहे थे भारतीय कप्तान, कहा- रन नहीं बना पाने पर खुद को लाचार पाया था

डिप्रेशन से गुजर चुके हैं कोहली: 2014 में इंग्लैंड टूर पर फेल रहे थे भारतीय कप्तान, कहा- रन नहीं बना पाने पर खुद को लाचार पाया था


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अहमदाबाद5 मिनट पहले

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कोहली ने 2014 में इंग्लैंड दौरे पर 5 टेस्ट की 10 पारियों में 13.50 की औसत से 134 रन बनाए थे। (फाइल फोटो)

भारतीय कप्तान विराट कोहली भी डिप्रेशन से गुजर चुके हैं। उन्होंने शुक्रवार को बताया कि 2014 में इंग्लैंड टूर बेहद भयावह रहा था। रन नहीं बना पाने पर वे खुद को दुनिया का सबसे लाचार व्यक्ति पाया था। उन्होंने यह बातें इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर मार्क निकोलस के साथ नॉट जस्ट पॉडकास्ट कार्यक्रम के दौरान कहीं।

कोहली ने 2014 में इंग्लैंड दौरे पर 5 टेस्ट की 10 पारियों में 13.50 की औसत से 134 रन बनाए थे। उन्होंने 1, 8, 25, 0, 39, 28, 0,7, 6 और 20 की पारियां खेली थीं।

‘मुझे लगता था कि रन नहीं बना पाऊंगा, बुरा अहसास था’
कोहली ने बताया कि इंग्लैंड दौरा व्यक्तिगत तौर पर मेरे लिए बेहद मुश्किल था। उन्होंने कहा मैं डिप्रेशन में था। मुझे ऐसा लगता था कि मैं रन नहीं बना पाऊंगा। यह बहुत बुरा अहसास था। सभी बल्लेबाजों के लाइफ में इस तरह का एक दौर आता है। उस समय आपके बस में कुछ नहीं होता।

‘आसपास लोग थे, फिर भी खुद को अकेला महसूस करता था’
कोहली ने बताया कि मुझे पता ही नहीं चल पा रहा था कि इस दौर से कैसे निकलूं। मैं खुद को दुनिया का सबसे अकेला व्यक्ति पा रहा था। मुझे उस वक्त अहसास हुआ कि इस बीमारी में आपके आसपास लोग होने के बावजूद खुद को अकेला महसूस करते हैं।

‘आत्मविश्वास खो चुका था, बात करने से कतराता था’
कोहली ने कहा, ‘ऐसा नहीं है कि मेरे पास बताने के लिए लोग नहीं थे, बल्कि मुझे लग रहा था कि मुझे कोई समझ पाएगा या नहीं। कोई ऐसा जिसे मैं कहूं कि सुनो मुझे कुछ अच्छा महसूस नहीं हो रहा, सुनो मुझे नींद नहीं आ रही। मैं आत्मविश्वास खो चुका था।’

डीप्रेशन से कई और क्रिकेटर्स भी गुजर चुके हैं
कोहली ने कहा कि कई और खिलाड़ी भी इसी दौर से गुजरे होंगे। कुछ ने महीनों डिप्रेशन में गुजारा होगा, तो कुछ पूरे क्रिकेट सीजन इसी स्थिति में रहे होंगे। एक बार डिप्रेशन में गए, तो आपके पास निकलने का मौका नहीं होता। बस कोई प्रोफेशनल ही आपको इससे बाहर निकलने में मदद कर सकता है।

90s की भारतीय टीम को देखकर आत्मविश्वास जगा
कोहली ने बताया कि डिप्रेशन से निकलने में 1990 की टीम इंडिया ने उनकी काफी मदद की। उन्होंने कहा, ‘मैं जब भी 90s की टीम को याद करता हूं, तो मुझे समझ आता है कि स्पोर्ट के साथ क्या करना चाहिए। मैंने टीम इंडिया को कई मैच जीतते हुए देखा।’

इंग्लैंड के बाद ऑस्ट्रेलिया दौरे पर 4 शतक ठोके
कोहली ने बताया, ‘फिर मुझे यकीन हुआ कि खुद पर विश्वास करने से जादुई चीजें भी होती हैं। अगर कोई शख्स ठान ले, तो वह उसे बदल सकता है। यहीं से मुझे आगे बढ़ने का रास्ता दिखा। देश के लिए खेलने का जुनून यहीं से बढ़ा।’ इंग्लैंड दौरे के बाद कोहली ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भी गए थे। वहां कोहली फॉर्म में लौटे और 4 टेस्ट में 692 रन बनाए थे। इसमें 4 शतक शामिल है।

24 फरवरी से मोटेरा में होगा भारत-इंग्लैंड तीसरा टेस्ट
कोहली फिलहाल इंग्लैंड के खिलाफ 24 फरवरी से शुरू हो रहे तीसरे टेस्ट के लिए अहमदाबाद में हैं। भारत और इंग्लैंड के बीच 4 टेस्ट की सीरीज अभी 1-1 की बराबरी पर है। चौथा टेस्ट भी मोटेरा स्टेडियम में 3 मार्च से खेला जाएगा। इसके बाद यहां 5 मैचों की टी-20 सीरीज भी होगी।

भारत को अगले 2 में से 1 टेस्ट जीतना और 1 ड्रॉ कराना होगा
टीम इंडिया को वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप के फाइनल में खेलने के लिए अगले 2 में से एक टेस्ट जीतना होगा और दूसरे को कम से कम ड्रॉ कराना होगा। WTC का फाइनल इसी साल जून में लॉर्ड्स में खेला जाएगा। न्यूजीलैंड की टीम पहले ही फाइनल में पहुंच चुकी है।



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