बजट में घोषणा: 460 नई सड़क, 105 आरओबी, 65 पुल बनाने की बड़ी घोषणा, लेकिन हरेक के लिए 1000 रुपए टोकन बजट

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भोपाल4 मिनट पहले

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पाॅलि-ट्रिक्स- यह तस्वीर 2008 की है। उस समय मुख्यमंत्री रहते हुए शिवराज सिंह चौहान ने पेट्रोल-डीजल की मूल्यवृद्धि के विरोध में साइकिल से मंत्रालय जाकर विरोध जताया था।

  • यानी 1 किमी सड़क के लिए 188 रु. और 3132 करोड़ से बनने वाले 105 रेलवे ओवरब्रिज के लिए सिर्फ 1.5 लाख रु. रखे
  • किसानों को नहीं मिलेगी कर्जमाफी, केवल तीन हजार रुपए का प्रावधान

राज्य सरकार ने नई सड़कों, रेलवे ओवर ब्रिज और पुल-पुलिया के निर्माण की घोषणा बजट में तो कर दी, लेकिन इसके लिए वर्ष 2021-22 में सिर्फ टोकन राशि एक-एक हजार रुपए का प्रावधान किया है। घोषणाओं में 2441.28 किमी लंबी 460 नई सड़कों के लिए प्रति हजार के हिसाब से चार लाख 60 हजार रुपए, 3132.31 करोड़ के 105 रेलवे ओवर ब्रिज के लिए एक लाख पांच हजार रुपए और 759.17 करोड़ रुपए लागत वाले 65 पुलों के लिए सिर्फ 65 हजार रुपए की टोकन राशि बजट में रखी गई है।

साफ है कि इन सब का निर्माण कार्य 2022-23 में ही प्रारंभ हो पाएगा। यह स्थिति पीडब्ल्यूडी विभाग की नहीं, बल्कि अन्य की भी है। श्यामला हिल्स भोपाल में अर्बन पुलिस स्टेशन का निर्माण किया जाना बजट में प्रस्तावित है। इसकी लागत 2 करोड़ 63 लाख रुपए है। लेकिन यह इस साल नहीं बन पाएगा, क्योंकि टोकन राशि एक हजार रुपए बजट में रखी गई है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने वायु प्रदूषण की विकराल होती समस्या के समाधान के लिए एक योजना प्रस्तावित की है।

यह दस लाख से अधिक की आबादी वाले शहरों के लिए प्रस्तावित परंतु इस पर वित्तीय वर्ष 2021-22 में सिर्फ टोकन राशि एक हजार रुपए रखी गई है। इसी तरह सार्वजनिक बस परिवहन सेवाओं की भी वृद्धि की नई स्कीम के लिए एक हजार रुपए का प्रावधान किया गया है। इंदौर में कनकावती नदी घाट, सैमल्या पटाड़ा, बीबी खेड़ी, पुवाड़ा हप्पा और अहिल्या माता (मेल कलगा) घाट का निर्माण होना है। इसकी लागत 1 करोड़ 33 लाख रुपए है, लेकिन टोकन राशि पांच हजार रखी गई है। जनजातीय शिक्षा केंद्र व प्री प्राइमरी योजना शुरू होनी है। इस पर एक-एक हजार रुपए रखे गए हैं।

कृषि.. 35353 करोड़ रुपए का सबसे ज्यादा बजट
कृषि बजट में 23 हजार करोड़ रु. से ज्यादा की बढ़ोतरी की गई है। अलग-अलग विभागों में खेती किसानी संबंधी कामों के लिए 35353 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान है। माना जा रहा है आगामी पंचायत चुनाव का भी इसमें ध्यान रखा गया है। मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के लिए 3200 करोड़ रु. रखे गए हैं। इस योजना में किसानों को प्रतिवर्ष 4 हजार रुपए मिलते हैं।

9 नई योजनाएं लाए, लेकिन कई वादे भूल गई सरकार
हालांकि सरकार अपने इस बजट में 9 नई योजनाओं को लाने का ऐलान करने के बीच कई वादे भूल गई। शिवराज सरकार के इस बजट में कुछ पुरानी योजनाओं को होशियारी के साथ हाशिये पर डाल दिया गया। चुनाव में ट्रंप कार्ड वाली तीर्थदर्शन और संबल योजना को वापस लॉन्च किया गया है, लेकिन 27 से ज्यादा योजना बजट में शून्य प्रावधान की कर दी गई हैं। कांग्रेस सरकार की कर्जमाफी योजना बजट में औपचारिक है, क्योंकि केवल तीन हजार रुपए का प्रावधान किया गया है।

कांग्रेस ने 8 हजार करोड़ का प्रावधान किया था
कांग्रेस सरकार ने बजट 2019-2020 में ऋण माफी योजना में 8 हजार करोड़ का प्रावधान किया था। इस बार केवल तीन हजार रु. का प्रावधान किया गया है।

योजना पुरानी, नाम नया… जल प्रदाय और नल-जल योजना पहले से है। इसे जल जीवन मिशन नाम दे दिया गया है। इन्वेस्टर्स समिट में निवेश वाली योजना को पिछले बजट से मैग्नीफिसेंट एमपी इन्वेस्टमेंट अट्रैक्शन स्कीम कहा गया है।

इन योजनाओं में एक रुपया भी नहीं … मुख्यमंत्री खेत तीर्थ योजना, नर्मदा-शिप्रा सिंहस्थ परियोजना,- सूरज धारा योजना, भावांतर फ्लैट योजना, बलराम तालाब योजना, मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना, कृषक समृद्धि योजना, नर्मदा शिप्रा औद्योगिक जलप्रदाय योजना, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना (अल्पसंख्यक-पिछड़ा वर्ग)।

कृषि क्षेत्र के लिए मुख्य प्रावधान

(राशि करोड़ रुपए में)

(राशि करोड़ रुपए में)

रोजगार : पात्रता परीक्षा पास कर चुके 30 हजार से ज्यादा शिक्षक ढाई साल से बेरोजगार
सरकार ने बजट में 24 हजार शिक्षकों की नई भर्तियां निकाली हैं, जो इस साल के अंत तक पूरी होने की संभावना है, लेकिन प्रदेश में 30 हजार ऐसे शिक्षक हैं, जो प्राेफेशनल एग्जामिनेशन बाेर्ड द्वारा ली गई शिक्षक पात्रता परीक्षा पास कर चुके हैं, लेकिन उन्हें ढाई साल से नियुक्ति-पत्र नहीं मिला है। इनमें से 19200 का उच्च माध्यमिक शिक्षक यानी वर्ग 1 एवं 11500 का माध्यमिक शिक्षक पदाें यानी वर्ग 2 के लिए चयन हुआ था।

विभिन्न श्रेणी के शिक्षकाें के 26 हजार 385 पद अभी भी खाली

  • 10 साल में अतिथि शिक्षकाें के 47 हजार 304 पद कम हुए, 25% बाहर हाे गए।
  • 10 विभागों में 11 साल से 52 हजार से ज्यादा पद खाली हैं। सबसे ज्यादा 24000 स्वास्थ्य में।
  • असिस्टेंट इंजीनियर के 52 पदाें के 3 लाख से ज्यादा आवेदन, परीक्षा जून में है।

पीडब्ल्यूडी : मंत्री भार्गव के गृह जिले सागर में सबसे ज्यादा 12 आरओबी और 22 सड़कें बनेंगी
बजट में सड़क, पुल और रेलवे ओवरब्रिज पर विशेष ध्यान दिया गया है। 2.5 हजार किमी सड़क, 65 पुल, 105 आरओबी बनने हैं। आरओबी 3 साल में बनेंगे। पीडब्ल्यूडी मंत्री गोपाल भार्गव के सागर जिले में सबसे ज्यादा 12 आरओबी, 22 नई सड़कें और एक पुल भी बनाया जाना है। सबसे कम सड़कें और आरओबी सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के ग्वालियर जिले में बननी हैं। बजट में इंदौर और भोपाल में एक भी पुल बनाने की घोषणा नहीं की गई।

पीडब्ल्यूडी का बजट 7341 करोड़, 475 करोड़ बढ़ा… पीडब्ल्यूडी का इस बार कुल 7341 करोड़ रुपए प्रस्तावित किया गया है। यह पिछले वर्ष की अपेक्षा 475 रुपए अधिक है। तब बजट 6866 करोड़ रुपए था।

कहां-क्या प्रस्तावित

बजट का सबसे ज्यादा हिस्सा 891 करोड़ रु. पुरानी सड़कों के रखरखाव पर खर्च होगा। गांवों की सड़कों पर 620 करोड़ खर्च होंगे। कुल बजट में 580 करोड़ रु. केंद्रीय सड़क निधि के हैं।

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