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टीकमगढ़21 मिनट पहले
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जिले में उद्योग कारखानों को छोड़कर स्थानीय लोगों को आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ाने के साथ-साथ ओरछा पर्यटन नगरी को यूनेस्को ने हेरिटेज सिटी में शामिल किया है। टीकमगढ़ जिले की इस बार के बजट में मेडिकल कॉलेज सहित लोगों की सुविधाओं के हिसाब से उद्योग कारखानों पर नजर थी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं मिला।
स्वास्थ्य के लिए लोगों को महानगरों की ओर जाना पड़ेगा। साथ ही बुंदेलखंड का पिछड़ा जिला होने पर यहां के सबसे ज्यादा लोग मजदूरी के लिए पलायन करते है। इसके लिए सरकार गंभीर नजर नहीं आई। कोरोना को देखते हुए आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ावा देने के लिए सरकार बजट में शामिल किया है। बजट सत्र में जिले में सबसे ज्यादा नवीन सड़कों की स्वीकृति दी गई है। जिले की सड़कें दुरुस्त होने से लोगों को आने जाने में सुविधाएं बढ़ेगी।
सबसे ज्यादा खर्च टीकमगढ़-झांसी मार्ग से धरमपुरा खराई से वाया उत्तरी कारी से भगवंतपुरा खेरा वाया गोर कैलागुवां उप्र सीमा तक सड़क निर्माण में 14 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा बल्देवगढ़-टीकमगढ़ मुख्य मार्ग पर अधिकतर जाम लगने से यहां लंबे समय से बायपास की जरूरी थी। जिसको बनाने के लिए स्वीकृति दी गई है। यह विंध्यवासिनी मंदिर से होते हुए निकलेगा।
बल्देवगढ़ बायपास मार्ग 13 करोड़ रुपए की लागत से बनाया जाएगा। इसके अलावा उत्तरप्रदेश की सीमा से जोड़ने के लिए जनुनिया ग्राम से 6 करोड़ की लागत से पुल निर्माण होंगे। निवाड़ी रेलवे स्टेशन चुरारा मार्ग से मुडारा एनएच 39 बायपास मार्ग 6 करोड़ से निर्माण होगा। इनके लिए जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी। वही ओरछा को यूनेस्को ने वर्ल्ड हेरिटेज सिटी का मामला प्रचलन में है।