उन्होंने बताया कि अदालत ने आरोपी जितेन्द्र को आजीवन करावास एवं दस हजार रुपये जुर्माने की सजा से दंडित किया है.
मध्य प्रदेश के राजगढ़ में नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी का कारनामा. जज के फैसला सुनाने के तुरंत बाद ही अदालत में बैठे मुंशी के साथ धक्का-मुक्की कर भाग निकला दोषी.
लोक अभियोजन अधिकारी ने बताया कि राजगढ़ थाने में दो अक्टूबर 2018 को पीड़िता के परिजन ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी नाबालिग लड़की को बचपन में लकवा हो गया था. इससे वह मानसिक तौर पर विकलांग हो गयी थी. बालिका का पेट फूला होने पर उसने परिजन को बताया कि 5-6 माह पहले जितेन्द्र ने उसके साथ बलात्कार किया था और तथा पेट में उसका गर्भ है. श्रीवास्तव ने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भादंवि की धारा 376 (बलात्कार) एवं पॉक्सो अधिनियम की संबधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया था. जांच के दौरान पीड़ित बालिका के बयान लिये गये तथा जांच के बाद अभियोग पत्र अदालत में पेश किया.
पुलिस जितेन्द्र की तलाश कर रही है
उन्होंने बताया कि अदालत ने आरोपी जितेन्द्र को आजीवन करावास एवं दस हजार रुपये जुर्माने की सजा से दंडित किया है. सजा सुनाए जाने के बाद अभियुक्त जितेन्द्र अचानक न्यायालय कक्ष में मुंशी को धक्का देकर वहां से फरार हो गया.उन्होंने बताया कि अदालत से अपराधी के फरार होने की सूचना जिला पुलिस अधीक्षक को दी गई है. पुलिस जितेन्द्र की तलाश कर रही है.