रेलवे ने वीरांगनाओं के नाम पर इंजन के नाम रखे हैं.
International Women’s Day: भारतीय रेलवे ने इतिहास याद रखने और याद करवाने का बीड़ा उठाया है. उसने अपनी ट्रेनों के इंजनों को रानी लक्ष्मी बाई, रानी अवंतिबाई, रानी चिन्नाम्मा, रानी वेलू नचियार जैसे नाम दिए हैं.
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March 8, 2021, 1:18 PM IST
इसके पीछे रेलवे का मकसद है कि जिन महिलाओं ने स्वाधीनता संग्राम के आंदोलन में अपने प्राणों को न्यौछावर किया है और जिन्होंने अपने शासन के दम पर समाज में एक अमिट छाप छोड़ी है उन महिलाओं को सम्मान देना चाहिए. ताकि, आने वाली पीढ़ी उनके किए कामों को जान सके. इंदौर की पहचान रानी अहिल्याबाई होलकर के नाम से है. उन्होंने देशभर में मंदिर, घाट, धर्मशालाएं बनवाकर परोपकार के कई काम किए और अपने शासन की एक अमिट छाप छोड़ी. उनके कामों को याद करने के लिए इंदौर में तो एक स्मारक भी बनाने की तैयारी चल रही है.
वीरांगनाओं की अमिट कहानियां
वहीं, झांसी की रानी लक्ष्मीबाई ने अंग्रेजों से लड़ते-लड़ते अपने प्राणों की आहूती दे दी. कर्नाटक के चित्तूर राज्य की रानी चिन्नाम्मा ने 1824 में हड़प नीति के खिलाफ अंग्रेजों से सशस्त्र संघर्ष शुरू किया था. बाद में वे वीरगति को प्राप्त हुईं. उन्हें स्वतंत्रता के लिए सबसे पहले संघर्ष करने वाले शासकों में गिना जाता है. देश के पहले स्वाधीनता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली पहली महिला शहीद वीरांगना रानी अवंतीबाई थीं. वे 1857 की क्रांति में रेवांचल में मुक्ति आंदोलन की सूत्रधार रहीं. तमिलनाडु में जन्मी वेलू नचियार शिवगंगा रियासत की रानी थीं. उन्हें तमिलनाडु में वीरमंगई नाम से जाना जाता था. उन्होंने भी अंग्रेजों के खिलाफ स्वाधीनता की लड़ाई लड़ी थी.ताकि याद रहे इतिहास
इन सब महिलाओं को याद करने के लिए रेलवे के इंजनों को उनका नाम दिया गया है. रेलवे के इंजन देशभर में घूमते हैं, इसीलिए इन इंजनों पर इन वीरांगनाओं औऱ महिला शासकों के नाम बड़े अक्षरों में लिखे गए हैं. ये नाम दूर से ही पढ़ने में आ जाते हैं. इससे लोगों के जेहन में उनकी याद आ जाती है और वे अपनी आने वाली पीढ़ी को भी इनके बारे में बता सकेंगे. हालांकि, रेल इंजनों के नाम वीरांगनाओं और रानियों के नाम पर रखने का प्रयोग उत्तर रेलवे के दिल्ली रेल मंडल के तुगलकाबाद डीजल लोको शेड ने किया है. केवल शक्तिशाली और आधुनिक डीजल इंजनों पर ही वीरांगनाओं और महिला शासकों के नाम अंकित किए गए हैं, हालांकि अब रतलाम रेल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक विनीत गुप्ता इसे अच्छा प्रयास बता रहे है और इसे रतलाम रेल मंडल में भी अपनाने की बात कह रहे हैं.