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- The High Court Issued A Separate Order … Be Taken From The Jail To The Registrar Office And Get The Registry Done.
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इंदौर8 घंटे पहले
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फाइल
इंदौर उच्च न्यायालय ने फिनिक्स इंफ्रा के पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए एक आदर्श-योग्य पहल करते हुए अपने आदेश में एसआईटी चीफ को कहा है कि वह 17 भूखंड पीड़ितों की रजिस्ट्री करवाएं।
इंदौर हाईकोर्ट ने एक मामले की सुनवाई करते हुए ये आदेश जारी किए हैं। जेल में बंद आरोपी को रजिस्ट्री के लिए पुलिस रजिस्ट्रार ऑफिस लेकर आएगी और उसके बाद पुलिस पीड़ितों की रजिस्ट्री करवाएगी। जिसे शिकायतकर्ता को काफी राहत मिलेगी। फिलहाल जिस तरह से इंदौर हाई कोर्ट ने शिकायतकर्ताओं की सुनवाई करते हुए आदेश दिए है, वह एक अलग तरह की मिसाल है।
मामला बेटमा के काली बिल्लोद में विकसित विद्या विहार, नेचरल वैली और सांई बाग टाउनशिप का है। डीएस इंफ्रा, एआर टाउन डेवलपर्स कंपनी और भाईजी डेवलपर्स ने 2010 में इन टाउनशिप में प्लाट के नाम पर लोगों से पैसा जमा कराया था। पूरा पैसा देने के बावजूद प्लाट खरीदने वाले रजिस्ट्री के लिए भटक रहे थे। इन टाउनशिप की मार्केटिंग नागपुर की फिनिक्स इंफ्रा कंपनी ने की थी। गाढ़ी मेहनत का पैसा देने के बावजूद जब लोगों को प्लाट नहीं मिले तो 2016 में मामला पुलिस तक पहुंच गया। कंपनियों के डायरेक्टरों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कर ली गई। 2019 जनवरी में कोर्ट के आदेश पर मामले की जांच के लिए एसआइटी गठित कर दी गई।