रीवा के टैक्सी ड्राइवर को पकड़ने पर हुआ खुलासा: 67 लाख ठगने के लिए बदमाश ने 20 अकाउंट खरीदे, उत्तराखंड, मिजोरम, नागालैंड समेत कई शहरों के खातों में डलवाए रुपए

रीवा के टैक्सी ड्राइवर को पकड़ने पर हुआ खुलासा: 67 लाख ठगने के लिए बदमाश ने 20 अकाउंट खरीदे, उत्तराखंड, मिजोरम, नागालैंड समेत कई शहरों के खातों में डलवाए रुपए


  • Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Ujjain
  • For Cheating 67 Lakhs, The Crooks Bought 20 Accounts, Deposited Money In The Accounts Of Many Cities Including Uttarakhand, Mizoram, Nagaland

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

उज्जैन5 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक
  • राज्य साइबर सेल की टीम खोजबीन में जुटी, बड़ा गिरोह निकलेगा

सोशल मीडिया पर संतनगर में रहने वाली युवती से दोस्ती व प्यार कर 67 लाख रुपए की धोखाधड़ी में जांच करने पर ठगों के नए तरीका भी पता चला। रीवा निवासी टैक्सी ड्राइवर को राज्य साइबर सेल पुलिस पकड़कर लाई तो पूछताछ में उसने बताया वह तो 25 हजार रुपए में मुंबई के ठग को अपना बैंक खाता बैच चुका है। युवती ऐसे जितने भी 20 खातों में पैसा डाला वे सब ठगों के खरीदे हुए खाते है।

संतनगर निवासी युवती से साल 2016 से 2019 के बीच खुद को अमेरिका निवासी बताने वाले लुईस डर्क के कहने पर अलग-अलग खातों में 67 लाख रुपए डाल दिए। बाद में धोखाधड़ी का अहसास हुआ तो पुलिस के पास पहुंची। अब राज्य साइबर सेल की टीम ने 20 खातों की बैंक डिटेल निकलवाई है, जिसमें पहले खाताधारक रीवा निवासी टैक्सी ड्राइवर विनय को गिरफ्तार किया गया। उसने यह बताया कि मुंबई के व्यक्ति ने 25 हजार रुपए का लालच दिया था इसलिए अपनी पासबुक, चेक और एटीएम उसे दे दिया। इससे ज्यादा कुछ नहीं मालूम है। अन्य खातों की भी यही स्थिति है।

राज्य साइबर सेल के अधिकारियों ने बताया कि रीवा निवासी टैक्सी ड्राइवर की गिरफ्तारी के बाद यह बात सामने आई कि उसने खाता सिर्फ 25 हजार रुपए में ठगों को बेच दिया। ऐसे कई लोग होंगे जिनके खातों का इस्तेमाल ठग कर रहे है। अभी तक के इन्वेस्टिगेशन से पता चला कि युवती ने उत्तराखंड, मिजोरम, नागालैंड समेत कई शहरों के बैंक खातों में पैसा भेजा। युवती से सोशल मीडिया पर शादी का झांसा देकर लाखों की धोखाधड़ी करने वाला आरोपी विदेशी नहीं है लेकिन नाइजीरियन होने की संभावना है। मुंबई का व्यक्ति पकड़ में आता है तो पूरे गिरोह का पता चल जाएगा।

बैंक खाता बेचने वाले भी अपराध में बराबर के आरोपी, इसलिए ऐसी गलती न करें
ठग लोगों से उनके बैंक खाते खरीद रहे है ताकि धोखाधड़ी में उक्त खातों का इस्तेमाल कर सके। पैसा उन्हीं खातों में डलवाएंगे तो उन तक पुलिस पहुंच ही नहीं पाएगी। यहीं पूरी प्लानिंग के साथ ठग काम कर रहे है। रीवा निवासी टैक्सी ड्राइवर के खाते में युवती ने तो सिर्फ दो लाख रुपए ही भेजे लेकिन छह महीने के दौरान उसके खाते में 12.50 लाख रुपए का और भी ट्रांजेक्शन हुआ है। निश्चित रूप से ठगों ने अन्य को भी यही खाता नंबर देकर उसमें पैसा डलवाया। राज्य साइबर सेल एसपी जितेंद्रसिंह ने बताया कि खाता बेचने वाला भी बराबर का आरोपी है। इसलिए अपना खाता किसी को बेचना अपराध है ऐसी गलती न करे।

खबरें और भी हैं…



Source link