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नई दिल्ली21 मिनट पहले
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भारत के लिए पिछले 4 महीने में 10 खिलाड़ियों ने अलग-अलग फॉर्मेट में डेब्यू किया। इनमें मोहम्मद सिराज, शुभमन गिल, वॉशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल, सूर्यकुमार यादव, क्रुणाल पंड्या, ईशान किशन, टी नटराजन, नवदीप सैनी और प्रसिद्ध कृष्णा शामिल हैं। इन सभी ने मिलकर भारतीय क्रिकेट को पिछले कुछ महीने में टॉप पर पहुंचा दिया है। टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट हारने के बाद वापसी कर सीरीज जीती।
साथ ही ICC टेस्ट चैम्पयिनशिप के लिए भी क्वालिफाई किया। वहीं, तेज गेंदबाज शार्दूल ठाकुर ने भी अलग छाप छोड़ी है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे टेस्ट में जब उन्हें मौका मिला, तो उन्होंने 67 रन की पारी खेली और 7 विकेट लेकर भारत को हार के मुंह से बाहर निकाला। इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज में भी वे हाईएस्ट विकेट टेकर रहे।
प्रसिद्ध कृष्णा
टीम मैनेजमेंट घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन करने वाले प्रसिद्ध कृष्णा का आजमाना चाहता था। इस गेंदबाज के पास 140+ की रफ्तार से गेंदबाजी करने की क्षमता है। इंग्लैंड के खिलाफ अपने डेब्यू मैच में उन्होंने इसे साबित भी किया। एक वक्त जब इंग्लैंड की टीम बिना विकेट खोए 135 रन बना चुकी थी। इसके बाद उन्होंने लगातार दो ओवर में 2 विकेट लिए। इस मैच में उन्होंने 54 रन पर 4 विकेट लिए और भारत को जिताया। इस 25 साल के गेंदबाज ने डेब्यू वनडे में भारत के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज भी बन गए। 2016-17 और 2017-18 में अपने पहले दो विजय हजारे ट्रॉफी में कर्नाटक की ओर से खेलते हुए प्रसिद्ध ने 30 विकेट लिए। साथ ही IPL में उनके आने से कोलकाता नाइटराइडर्स की पेस बॉलिंग अटैक भी मजबूत हुई।
शुभमन गिल
शुभमन की टीम में एंट्री ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर पृथ्वी शॉ और मयंक अग्रवाल के खराब फॉर्म की वजह से हुई। 21 साल के इस खिलाड़ी ने अब तक 7 टेस्ट में 34.36 की औसत से 378 रन बनाए हैं। इसमें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चौथे टेस्ट की दूसरी इनिंग्स में 91 रन की पारी शामिल है। इस मैच को जीतकर ही भारत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज जीती थी। इस दौरान उन्होंने 3 फिफ्टी भी लगाई है। इतना ही नहीं उन्होंने IPL में भी कई विदेशी गेंदबाजों की धुनाई की। शुभमन ने 3 अलग-अलग महाद्वीप में 23 फर्स्ट क्लास मैच में 7 सेंचुरी और 11 हाफ सेंचुरी लगाए हैं। इस दौरान उनका औसत 68.78 का रहा है। यही वजह है कि उन्हें आने वाले समय में भारत का स्टार माना जा रहा है।
मोहम्मद सिराज
डेब्यू से लेकर अब तक सिराज का सफर सबसे चुनौतीपूर्ण रहा है। ऑस्ट्रेलिया टूर पर पहले टेस्ट में भारतीय टीम 36 रन पर ऑलआउट हुई थी। मोहम्मद शमी चोटिल होकर बाहर हो गए थे। इसके बाद दूसरे टेस्ट में सिराज का डेब्यू हुआ। उन्होंने भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई और अपने पहले टेस्ट में 77 रन देकर 5 विकेट लिए। इसमें पहली पारी में 2 विकेट और दूसरी पारी में 3 विकेट शामिल है। गाबा में खेले गए आखिरी मुकाबले में उन्होंने पारी में 5 विकेट लेकर ऑस्ट्रेलिया को हारने पर मजबूर कर दिया।
वॉशिंगटन सुंदर
इस 21 साल के ऑलराउंडर को टेस्ट सीरीज के दौरान नेट बॉलर के तौर पर रखा गया था। उन्होंने रविचंद्रन अश्विन को रिप्लेस कर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चौथे टेस्ट में डेब्यू किया और स्टीव स्मिथ और डेविड वॉर्नर का कीमती विकेट लिया। इसके बाद पहली पारी में 62 रन और दूसरी पारी में 29 गेंदों पर 22 रन बनाकर भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई।