फैक्ट्री अस्पतालों के निगमीकरण का विरोध: ESIC टीम पहुंची थी OFK सहित अन्य अस्पतालों का निरीक्षण करने, फैक्ट्री यूनियनों के विरोध पर बैरंग लौटी

फैक्ट्री अस्पतालों के निगमीकरण का विरोध: ESIC टीम पहुंची थी OFK सहित अन्य अस्पतालों का निरीक्षण करने, फैक्ट्री यूनियनों के विरोध पर बैरंग लौटी


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जबलपुर17 मिनट पहले

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ESIC टीम का OFK सहित अन्य अस्पतालों के सामने फैक्ट्री यूनियनों ने किया विरोध तो बैरंग लौटी टीम।

  • OFK और खमरिया अस्पताल को मर्ज करने की है तैयारी
  • 1 अप्रैल को लेबर कोर्ट बिल के विरोध में यूनियनों द्वारा गुरुद्वारा वेस्टलैंड में किया जाएगा पुतला दहन

जिले में चारों आयुध निर्माणी फैक्ट्रियों के निगमीकरण के बाद संचालित अस्पतालों का भी संचालन अब केंद्र सरकार नहीं करेगी। इसे राज्य सरकार के कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) को सौंपने की तैयारी है। इसी का लेकर ESIC की टीम इन अस्पतालों के संसाधनों, स्टाफ सहित अन्य सुविधाओं की विस्तृत आंकलन करने पहुंची थी। पर फैक्ट्री यूनियनों के विरोध देख निरीक्षण दल को बैरंग लौटना पड़ा। फैक्ट्री यूनियनों ने एक अप्रैल दिन गुरुवार को इसके विरोध में पुतला दहन कर प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है।

जानकारी के अनुसार शहर में रक्षा मंत्रालय के अधिनस्थ चारों आयुध निर्माणी फैक्ट्रियां ऑर्डनेंस फैक्ट्री खमरिया, गन कैरिज फैक्ट्री, व्हीकल फैक्ट्री, ग्रे आयरन फाउंड्री का निगमीकरण होना है। इन फैक्ट्रियों में 12 हजार के लगभग कर्मचारी काम कर रहे हैं, जो इस निगमीकरण का विरोध कर रहे हैं।
रक्षा मंत्रालय ने ESIC को अस्पतालों का प्रबंधन सौंपने का दिया है प्रस्ताव
निगमीकरण से पहले रक्षा मंत्रालय ने राज्य सरकार के कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) को फैक्ट्रियों के लिए संचालित तीनों अस्पतालों ओएफके, जीसीएफ व वीएफजे को सौंपने का प्रस्ताव दिया है। इसमें अस्पताल भवन से लेकर चिकित्सक सहित पूरा स्टाफ शामिल और मौजूदा संसाधन भी शामिल है।
फैक्ट्री अस्पतालों में मौजूदा संसाधनों का आंकलन करने पहुंची थी ESIC टीम
कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) तीनों अस्पतालों की मर्ज करने की कवायद में है। लगभग 200 के लगभग चिकित्सक व अन्य स्टाफ इन अस्पतालों में कार्यरत हैं। इसी का आंकलन करने के लिए बुधवार को ESIC की एक टीम ओएफके, जीसीएफ और वीएफजे पहुंची। पर तीनों ही स्थानों पर फैक्ट्री यूनियनों का भारी विरोध के चलते टीम को बैरंग लौटना पड़ा। यूनियनों के आक्रोश को देखते हुए खमरिया, रांझी व घमापुर थाने का बल भेजना पड़ा था।
सरकार का कदम उकसाने वाला है: इंटक
ओएफके लेबर यूनियन और सुरक्षा कर्मचारी यूनियन (इंटक ) की ओर से निरीक्षण दल को बताया गया कि अभी निगमीकरण को लेकर सरकार से फेडरेशन की बात चल रही है। इसके बीच सरकार की यह गतिविधि उकसाने वाली है। यूनियन एक अप्रैल दिन गुरुवार को इसके विरोध में वेस्टलैंड में पुतला दहन कर विरोध प्रदर्शन करेगी। यूनियन के अरुण दुबे, रामप्रवेश, आनंद शर्मा, अर्नब दासगुप्ता, जीजो जैकब,पुष्पेंद्र सिंह,अमित चौबे,धर्मेंद्र रजक,अनुपम भौमिक, राकेश रंजन, जीवन सिंह, गुरप्रीत सिंह, प्रमोद पाली, मुकेश विनोदिया, संतोष सिंह ने सभी सदस्यों से विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है।

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