…जब दूसरे प्रदेश में सोशल मीडिया बनी भाषा: आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में खोया ग्वालियर का बेटा, तेलगु नहीं आती थी, भाई ने सोशल मीडिया पर लगाई गुहार, मिले मददगार

…जब दूसरे प्रदेश में सोशल मीडिया बनी भाषा: आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में खोया ग्वालियर का बेटा, तेलगु नहीं आती थी, भाई ने सोशल मीडिया पर लगाई गुहार, मिले मददगार


  • Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Gwalior
  • Khoya Dabra’s Son Did Not Come To Telugu In Vijayawada, Andhra Pradesh, Brother Solicited On Social Media, Found Helpful

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

ग्वालियर13 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

यह हैं आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा से लापता AG OFFICE के डाटा एंट्री ऑपरेटर सुयश गुर्जर, वह 21 मार्च की रात से लापता है

  • विजयवाड़ा के AG OFFICE में डाटा एंट्री ऑपरेटर है लापता
  • 21-22 मार्च की दरमियानी रात वह अपने फ्लैट से निकले थे उसके बाद नहीं लौटे

आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में ग्वालियर के डबरा का एक बेटा संदिग्ध हालात में लापता हो गया है। जब परिवार वहां पहुंचा तो तेलगु भाषा बाधा बन गई। पुलिस को हिंदी समझ नहीं आ रही थी परिवार तेलगु नहीं समझ पा रहा था।ऐसे में लापता के भाई ने सोशल मीडिया को अपना सहारा बनाया। उन्होंने अपनी पीड़ा सोशल मीडिया पर शेयर की।

इसके बाद उन्हें वहां इंग्लिश और हिंदी के साथ तेलगु समझने वाला ट्रांसलेटर मिल गया है। अभी तक लापता के बारे में कोई सुराग नहीं लगा है। घटना 21-22 मार्च की दरमियानी रात विजयवाड़ा की है। लापता AG OFFICE में डाटा एंट्री ऑपरेटर है। लापता के भाई ने सोशल मीडिया पर अपने भाई के बारे में सुराग देने की गुहार लगाई है। विजयवाड़ा पुलिस लापता की तलाश कर रही है।

सोशल मीडिया पर लापता के भाई ने इस तरह मदद मांगी, इसके बाद इस पोस्ट को सोशल मीडिया पर सभी ने शेयर किया है

सोशल मीडिया पर लापता के भाई ने इस तरह मदद मांगी, इसके बाद इस पोस्ट को सोशल मीडिया पर सभी ने शेयर किया है

ग्वालियर के डबरा में बल्ला का डेरा निवासी 29 वर्षीय सुयश गुर्जर आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में AG OFFICE में डाटा एंट्री ऑपरेटर जब पद पर पदस्थ हैं। सुयश वहां एनिकेपाडु कल्यानम श्रीबालाजी टॉवर, थर्ड फ्लोर पर फ्लैट में अपने दो साथियों के साथ रहते हैं। सुयश की अभी शादी नहीं हुई है। 21-22 मार्च की दरमियानी रात 12 बजे करीब वह अपने फ्लैट से टीशर्ट और शॉर्ट पेंट पहनकर घर से निकले थे। अगले दिन सुबह 9 बजे जब उनके भाई मोनू गुर्जर ने कॉल किया तो मोबाइल रिसीव नहीं हुआ तो उन्होंने रूम पार्टनर को फोन लगाया। रूम पार्टनर ने पहले बताया कि शायद नाश्ता करने गए होंगे, लेकिन उनका मोबाइल घर पर ही था। शाम चार बजे तक जब सुयश वापस नहीं लौटे तो विजयवाड़ा थाने में FIR दर्ज कराई गई। इसके बाद परिजन भी विजयवाड़ा पहुंच गए, लेकिन 14 दिन बाद भी सुयश का कोई सुराग नहीं लगा है। वहीं भाषा भी परिजन के लिए सबसे बड़ी परेशानी बन गई है।

भाषा बनी परेशानी, अपना दर्द भी नहीं समझा पा रहे

लापता सुयश दो भाई और दो बहने हैं। सुयश से छोटा एक भाई मोनू गुर्जर है। दो बहने हैं उनकी ग्वालियर शहर में शादी हो चुकी हैं। पिता हैं नहीं मां अकेली है। मां और भाई लापता होने का पता चलते ही विजयवाड़ा पहुंच गए, लेकिन वहां उनका सामना नई परेशानी से हुआ। उनको हिंदी आती है और हिंदी वहां पुलिस नहीं समझ रही। पुलिस तेलगु समझती है उसे यह नहीं समझते। इसके बाद मोनू ने सोशल मीडिया का सहारा लिया। सोशल मीडिया पर अपना दर्द शेयर किया। इसके बाद सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें ट्रांसलेटर मिल गया है।

सोशल मीडिया पर भाई को तलाशने की अपील

परेशान मोनू ने सोशल मीडिया पर अपने भाई को तलाशने की अपील की है। साथ ही उनका सुराग देने वाले को नकद ईनाम की भी घोषणा की है। मोनू ने दैनिक भास्कर को बताया कि वहां जिस मल्टी में वह रहते थे वहां के CCTV फुटेज मिले हैं। जिसमें वह बड़े ही आराम से जाते हुए दिख रहे हैं। आगे उनके साथ क्या हुआ यह पता नहीं चला है। उन्हें कोई परेशानी भी नहीं थी। अब उन्होंने ग्वालियर SP से गुहार लगाई है कि वह विजयवाड़ा पुलिस से बात कर कुछ मदद करें।

खबरें और भी हैं…



Source link