दरअसल दमोह उपचुनाव में नामांकन वापसी के बाद कुल 22 उम्मीदवार मैदान में हैं. जिसमें अजय नाम से चार, राहुल नाम से चार, दो महिला समेत कुल 22 कैंडिडेट मैदान में हैं. उपचुनाव में इस बार कुल 16 निर्दलीय उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किए हैं. कुछ निर्दलीय ऐसे हैं, जिनकी अपने इलाके में पकड़ मजबूत है. लेकिन ये कैंडिडेट के तौर पर उतरे उम्मीदवार बीजेपी और कांग्रेस का गणित बिगाडऩे की कोशिश करेंगे.
दमोह उपचुनाव में एक नाम के उम्मीदवारों पर नजर डालें तो, कांग्रेस से अजय कुमार टंडन, निर्दलीय उम्मीदवार अजय भैया, निर्दलीय अजय भैया ठाकुर, निर्दलीय अजय, का नाम शामिल है. इसी तरीके से बीजेपी उम्मीदवार राहुल सिंह के नाम वाले चार उम्मीदवार राहुल भैया, राहुल भैया, राहुल एस मैदान में हैं.
दमोह उपचुनाव में किस्मत आजमा रहे हैं यह उम्मीदवारकांग्रेस से अजय कुमार टंडन, भाजपा से राहुल सिंह, भारतीय शक्ति चेतना पार्टी से उमा सिंह लोधी, बुंदेलखंड क्रांति दल से कमलेश असाटी, शिवसेना से राज पाठक उर्फ राजा भैया, सपाक्स पार्टी से रिचा पुरुषोत्तम चौबे (हरिओम), अकरम उर्फ सोनू खान, इंजी. अजय भैया, अजय भैया ठाकुर, अजय, अमजद खान, आशीष उर्फ संयासी, नवाब खान, मगन आदिवासी, मुन्नालाल, राहुल भैया, राहुल भैया, राहुल एस, वैभव सिंह, केएन शुक्ला एडवोकेट, शंकर जाटव (शंकर कबाड़ी) मो. सफीक खान सभी निर्दलीय उम्मीदवार मैदान में हैं.
वहीं, बीजेपी उम्मीदवार के हम नाम के 4 कैंडिडेट उपचुनाव में आने पर भाजपा के प्रदेश मंत्री रजनीश अग्रवाल ने कहा है कि कांग्रेस दमोह उपचुनाव में पुराना टोटका आजमाने की कोशिश में है. लेकिन उपचुनाव में बीजेपी उम्मीदवार राहुल सिंह की जीत पक्की है.
बहरहाल दमोह उपचुनाव इस बार बीजेपी और कांग्रेस के लिए साख का सवाल बना हुआ है और ऐसे में एक दूसरे का गणित बिगाडऩे के लिए बीजेपी और कांग्रेस पूरा जोर लगाने का काम कर रहे हैं. यही कारण है कि दमोह उपचुनाव में एक ही नाम के चार चार उम्मीदवार बीजेपी और कांग्रेस का गणित बिगाडऩे में बड़ा रोल अदा करेंगे. अब देखना यह होगा कि 17 अप्रैल को होने वाले दमोह उपचुनाव में एक ही नाम के चार उम्मीदवार यानी डमी कैंडिडेट किस पार्टी और किस उम्मीदवार का खेल बिगाड़ते हैं और किसे दमोह का विधायक चुनकर विधानसभा भेजते हैं.