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रतलाम2 मिनट पहले
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नई लहर में 13 दिन में 16 मौतें
- कोरोना के चलते अप्रैल के 6 दिनों में ही 11 लोग दम तोड़ चुके हैं
लापरवाही की लहर… जी हां, हम सही कह रहे है। कुछ दिनों पहले तक हम लापरवाह थे, मुंह से मास्क गायब हो चुके थे, सोशल डिस्टेंसिंग नहीं थी। इसका परिणाम अब सामने आ रहा है। मंगलवार को कोरोना पॉजिटिव का आंकड़ा 6 हजार के पार हो गया। संक्रमण की ये अब तक की सबसे तेज रफ्तार है। सिर्फ 13 दिन में ही 1000 पॉजिटिव सामने आ गए हैं। बड़ी चिंता ये है कि इन 13 दिन में 18 लोग जान भी गंवा चुके है। सिर्फ अप्रैल के 6 दिन में 11 लोगों ने दम तोड़ दिया है, ऐसा पहली बार हुआ है।
पॉजिटिव मरीजों को विदाई देने से पहले विधायक चेतन्य काश्यप ने प्रभारी डीन व अन्य प्रशासनिक अधिकारियों से व्यवस्था सुधार को लेकर बात की। उन्होंने कहा कि मरीज के स्वास्थ्य एवं उपचार संबंधी जानकारी परिजनों को सहजता पूर्वक मिले जाए इसके लिए चिकित्सक समय निर्धारित कर परिजनों से बात करें। पेंडेंसी खत्म करने के लिए आरटी-पीसीआर जांच बाहर से कराने काे कहा। कहा। उसकी रिपोर्ट भी जल्द मिल जाए।
रतलाम जिले में एक्टिव केस 700 के करीब पहुंचे
जिले में एक्टिव के 700 के करीब पहुंच गए हैं। मंगलवार को 92 संक्रमित मिले। दो की मौत हो गई। एक्टिव केस का आकड़ा 699 पर आ गया। पहले सबसे ज्यादा सितंबर-अक्टूबर 2020 में एक्टिव केस 400 रहे थे।
जिले में संक्रमण का सफर… वक्त के साथ यह घातक और आक्रमण हो रहा, आप न बने रहें लापरवाह
1 हजार पॉजिटिव
जिले में 11 अप्रैल को पहला पॉजिटिव मरीज मिला था। 500 केस मिलने में 121 दिन लगे थे। इसके बाद के 25 दिन में केस दोगुना हो गए। 145 दिन बाद 2 सितंबर को 1 हजार का आंकड़ा छू लिया। उस दौरान रतलाम प्रदेश के टॉप-11 शहरों में शामिल था। 2 सितंबर तक 21 मौत हो गई थी।
2 हजार पॉजिटिव
जिले में 9 अक्टूबर को कोरोना पॉजिटिव का आंकड़ा 2 हजार के पार हो गया। 37 दिन में पॉजिटिव 1 हजार से 2 हजार हो गए। इस दौरान 70% केस रतलाम शहर के थे। 9 अक्टूबर तक कुल 45 मौत हुई थी।
3 हजार पॉजिटिव
जिले में 23 नवंबर को पॉजिटिव का आंकड़ा 3 हजार के पार हो गया। पॉजिटिव मरीजों की संख्या सिर्फ 68 दिन में दोगुना हो गई। जबकि, शुरुआती 1500 केस मिलने में 160 दिन का समय लगा था। केस 2 हजार से 3 हजार होने में 46 दिन लगे। 23 नवंबर तक 64 मौत हुई थी।
4 हजार पॉजिटिव
जिले में 27 दिसंबर को पॉजिटिव 4 हजार के पार हो गए। पॉजिटिव की संख्या 3 हजार से 4 हजार हाेने में 35 दिन लगे। पॉजिटिव की संख्या दो गुना यानी 2 हजार से 4 हजार होने में 80 दिन का समय लगा। 27 दिसंबर को मौतों का आंकड़ा 77 पर आ गया।
5 हजार पॉजिटिव
25 मार्च को जिले में कुल पॉॅजिटिव 5 हजार के पार हो गए। संक्रमित 4 हजार से 5 हजार होने में 89 दिन का वक्त लगा था। तब तक जिले में 86 लोग दम तोड़ चुके थे। 25 मार्च तक 86 मौत हो गई थी।
6 हजार पॉजिटिव
6 अप्रैल को संक्रमित 6 हजार हो गए। रफ्तार ऐसी है कि यह दूरी सिर्फ 13 दिन में तय हो गई। संक्रमण की यह अब तक की सबसे तेज रफ्तार है। 135 दिन में आंकड़ा दो गुना यानी… 3 हजार से 6 हजार हो गया। मौत का आंकड़ा 101 पर पहुंच चुका है।