अस्पताल में सांस टूटने से पहले टूटी रहीं उम्मीदें: ​​​​​​​डॉक्टरों ने संदिग्ध कोरोना मरीज को 2 बार बताया मृत, परिजन श्मशान में लकड़ी जुटाने लगे; दोबारा फोन पर कहा- आपका पेशेंट जिंदा है

अस्पताल में सांस टूटने से पहले टूटी रहीं उम्मीदें: ​​​​​​​डॉक्टरों ने संदिग्ध कोरोना मरीज को 2 बार बताया मृत, परिजन श्मशान में लकड़ी जुटाने लगे; दोबारा फोन पर कहा- आपका पेशेंट जिंदा है



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  • Madhya Pradesh (MP) Coronavirus News; COVID Patient Declared Dead Twice By Vidisha Atal Bihari Vajpayee Hospital

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विदिशा28 मिनट पहले

विदिशा में श्मशान से लौटकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे परिजन।

मध्यप्रदेश के विदिशा में संदिग्ध कोरोना मरीज को दो बार मृत बता दिया गया। परिजनों को मृत्यु प्रमाण पत्र भी दे दिया गया। परिवार के कुछ सदस्य श्मशान पहुंच गए। अंतिम संस्कार की तैयारी करने लगे। शव आने का इंतजार कर रहे थे, तभी मेडिकल कॉलेज से फोन आया कि अभी पेशेंट जिंदा है।

मामला विदिशा के अटल बिहारी वाजपेई मेडिकल कॉलेज का है। मामला सामने आने के बाद डीन सुनील नंदेश्वर ने कहा- मरीज वेंटिलेटर पर ही था उसकी अचानक हृदय गति रुक गई थी, लेकिन डेढ़ से 2 घंटे में हृदय को पंप किया गया सांसें आ गईं। यह कन्फ्यूजन थोड़ा नर्स के द्वारा हो गया है। बाद में हमने उनके वीडियो और फोटो मरीज को दिखा दिए हैं कि वह वेंटिलेटर पर सांसे ले रहे हैं, लेकिन सीरियस हैं।

विदिशा के ग्राम सुल्तानिया निवासी गोरेलाल कोरी (58) को 12 अप्रैल की शाम मेडिकल कॉलेज में भर्ती किए था। उन्हें सांस में तकलीफ थी। गले में खराश और सर्दी के कारण मरीज को संदिग्ध कोरोना पेशेंट मानकर वेंटिलेटर पर ले गए। 3 दिन इलाज ऐसे ही चलता रहा। गुरुवार शाम 4 बजे कॉलेज के प्रबंधन ने बताया कि मरीज की मौत हो गई। परिजन अंदर पहुंचे। वहां बताया गया कि अभी मौत नहीं हुई है सांसें चल रही हैं। डॉक्टरों ने कहा कि गले का ऑपरेशन करना पड़ेगा। फिर दोबारा शाम को 6:30 बजे अस्पताल से मरीजों के परिजन को कॉल आया कि आपके पिताजी कि ऑपरेशन के दौरान मौत हो गई है।

परिजनों को मृत्यु प्रमाण पत्र भी दे दिया गया। परिवार के कुछ सदस्य श्मशान घाट पहुंच कर लकड़ी जुटाने लगे। इसी दौरान उनके पास मेडिकल कॉलेज से फोन आया कि आपका पेशेंट जिंदा हैं। इसके बाद परिजन भागकर अस्पताल पहुंचे। यहां पर गोरेलाल कोरी उन्हें वेंटिलेटर पर मिले।

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