उमर अकमल का पाकिस्तान के लिए खेलने का रास्ता तभी साफ होगा. जब वो जुर्माने की राशि भर देंगे. (Umar Akmal Twitter)
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (Pakistan Cricket Board) ने विवादों में घिरे बल्लेबाज उमर अकमल (Umar Akmal) को किश्तों में जुर्माने के 42.5 लाख रुपए चुकाने की अनुमति नहीं दी है. अकमल ने आर्थिक तंगी का हवाला देकर बोर्ड से रियायत मांगी थी.
जानकारी के मुताबिक, उमर के किश्तों में जुर्माना भरने की अपील पर बोर्ड ने उन्हें मौजूदा वित्तीय स्थिति साबित करने के लिए टैक्स और आमदनी से जुड़े दस्तावेज जमा करने के लिए कहा था. बोर्ड से जुड़े सूत्र की मानें, तो दस्तावेजों के परीक्षण के बाद पीसीबी उमर के इस तर्क से संतुष्ट नहीं था कि वो इस वक्त आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं. इसलिए बोर्ड ने इस खिलाड़ी को रियायत देने से इंकार कर दिया.
सूत्र के मुताबिक, पीसीबी ने उमर को जुर्माने के 42.5 लाख रुपए एकमुश्त भरने के लिए कहा है. वो जब तक ऐसा नहीं करते हैं, तब तक उनका रिहैबिलिटेशन प्रोग्राम शुरू होगा. नियमों के तहत सभी प्रतिबंधित खिलाड़ियों के लिए ऐसा करना अनिवार्य है. अकमल से जुड़े सूत्रों का दावा है कि ये खिलाड़ी वाकई आर्थिक तंगी से गुजर रहा है. क्योंकि इस केस के लिए उसने जो वकील रखे हैं. उन्हें उसे काफी फीस चुकानी पड़ रही है.
इसे भी देखें, क्रिकेटरों की परफॉर्मेंस हुई खराब तो फैंस ने पत्नी-गर्लफ्रेंड और बेटी का जीना किया मुहालकोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन ने अकमल के बैन को कम कर दिया था
इससे पहले, कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन (Court of Arbitration For Sports) फॉर स्पोर्ट्स ने फरवरी में पीसीबी और उमर दोनों की अपील का निपटारा कर दिया था. निकाय ने अकमल पर लगे प्रतिबंध को घटाकर 12 महीने कर दिया था. लेकिन पीसीबी के एंटी करप्शन कोड के उल्लंघन के कारण उन्हें 42.5 लाख रुपए का जुर्माना की राशि भरनी होगी. उमर को पिछले साल फरवरी में पाकिस्तान सुपर लीग शुरू होने से ठीक पहले निलंबित कर दिया गया था. उन पर भ्रष्टाचार से जुड़ी जानकारी छुपाने का आरोप था.
पीसीबी ने उमर अकमल पर 3 साल का बैन लगाया था
पीसीबी की अनुशासन कमेटी ने पिछले साल अप्रैल में अमर को एंटी करप्शन कोड के दो अलग-अलग उल्लंघन के आरोपों में दोषी पाया था और उन्हें तीन साल के लिए निलंबित कर दिया था. लेकिन बोर्ड द्वारा नियुक्त एक स्वतंत्र जांच अधिकारी ने उन पर लगे बैन को घटाकर 18 महीने का कर दिया था. इसके खिलाफ पीसीबी कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन गया था, जबकि अकमल ने भी पूरे प्रतिबंध को खारिज करने की अपील दायर की थी.