- Hindi News
- Local
- Mp
- Sagar
- Sculptures Carved On 13 Cliffs 2000 Years Old From The Indus Valley To Be Submerged In The Dam
Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप
सागर3 घंटे पहलेलेखक: अतुल तिवारी
- कॉपी लिंक
खानपुर से एक किमी दूर इकपना बसोना गांव के पास 24 मीटर ऊंचा बांध का काम शुरू हो गया। यहां गेट का काम चल।
- कड़ान-सिंचाई परियोजना के तहत 9 गांव का 746 हेक्टेयर क्षेत्र जलमग्न होगा
- आदिमानव काल को समझने के लिए इस शैलचित्रों पर रिसर्च करना तो दूर इन्हें नष्ट करने की तैयारी की जा रही है
सागर से 21 किमी दूर सड़ान-सतगढ़ सिंचाई परियोजना के तहत 24 मीटर ऊंचा बांध बनाया जा रहा है। इसमें खानपुर सहित 9 गांव का 746 हेक्टेयर क्षेत्र डूब में आ रहा है। खानपुरा के पास के पहाड़ों पर 13 ऐसी चट्टानें हैं, जहां आदिमानव ने चित्र उकेरे थे। इनमें से कुछ शैलचित्र तो ऐसे हैं जो आज से 7000 साल पुराने होने की पुष्टि हुई है। यानी यहां सिंधु घाटी सभ्यता से 2000 साल पुरानी सभ्यता के प्रमाण मिले हैं लेकिन अफसोस इन पर गहराई से अध्ययन नहीं किया गया। अब इस सभ्यता के ये अवशेष पूरी तरह नष्ट होने वाले हैं, क्योंकि ये सभी शैलचित्र बांध बनने से डूब जाएंगे। इन्हें संरक्षित करने के लिए अब तक कोई पहल नहीं की गई है।
डॉ. हरीसिंह गौर केन्द्रीय विवि के प्राचीन इतिहास विभाग के एचओडी प्रो.नागेश दुबे व शैलचित्र विशेषज्ञ डॉ. प्रदीप शुक्ल ने बताया चट्टानों पर मध्य पाषाण काल के शैलचित्र में मानव के समूह शिकार, भाला, तलवार व ढाल लिए चित्र बने हैं। जानवरों में मोर, जंगली भैंसा, सूअर, सांभर, बंदर, घोड़ा, योद्धा, अश्वारोही, जुलूस, नृत्य वहंगीवादक जैसे शैलचित्र के दृश्य ऐतिहासिक काल की ओर इशारा करते हैं।
गांव के आसपास नाहरखोह, हाथी दरवाजा व सतगढ़ नाम की पहाड़ियों में अधिक संख्या में शैलचित्र मिलते हैं। खानपुर गांव के जंगल में चंदेल व कल्चुरी शासन काल की हजार वर्ष पुरानी प्रतिमाएं बिखरी पड़ी हैं, जो बांध से 800 मीटर के दायरे में हैं। विवि के प्राचीन इतिहास विभाग के प्रोफेसर डॉ. सुल्तान सुलाउद्दीन ने बताया मूर्तियों में यहां महिषमर्दिनी, चामुण्डा, शिव और वृषआरूढ़, उमा महेश्वर की प्रतिमाएं हैं।
- 42 एमसीएम रहेगा पानी, जून 2022 तक तैयार होगा बांध
- 385 करोड़ रुपए से कड़ान-सिंचाई परियोजना के तहत बांध बन रहा है
- 1000 साल पुरानी प्रतिमाएं और 400 साल पुराना किला भी डूब जाएगा
- 12 हजार हे. जमीन सिंचित होगी।
- 250 किमी लंबी अंडरग्राउंड पिसराइड पाइप की नहर बिछेगी सिंचाई के लिए 48 गांव मेें
ये शैलचित्र है, इस स्थान पर
मध्यपाषाण काल: खानपुर से लगे सतगढ़ पहाड़ की चट्टान पर मध्यपाषाण काल का शैलचित्र मिला है, जो 7000 वर्ष से अधिक पुराना है। यह बांध से 400 मी. दूर है। यह ग्रुप हंटिंग का चित्रण है।
ऐतिहासिक काल: नाहरखोह पहाड़ी पर बना यह चित्र 2000 वर्ष पुराना है। यह बांध से 700 मीटर दूर है। इसमें ऐसा प्रतीत हो रहा है, जैसे दो मानव हाथ पकड़ कर साथ में घूमने जा रहे हों।
नवपाषाण काल: इस चित्र में भैंसा दिख रहा है। यह नवपाषाण से ताम्रपाषाण काल का चित्र है, जो चार से पांच हजार वर्ष पुराना है। यह चित्र खानपुर गांव में नाहरखोह नामक पहाड़ी के पास बना हुआ है, जो बांध से 700 मीटर दूर है।
शैलचित्रों का संरक्षण करेंगे
खानपुर के संबंध में मुझे अभी जानकारी नहीं है। स्थानीय प्रशासन को इन शैलचित्र व प्रतिमाओं के बारे में पता होगा। यदि ये प्राचीन संस्कृति का हिस्सा हैं। तो इनके संरक्षण के लिए जो भी प्रयास होंगे।
-प्रहलाद पटेल, केन्द्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री
कार्बन डेटिंग कराएंगे
खानपुर में जो प्रतिमाएं हैं, पुरातत्व विभाग उनमें से काफी प्रतिमाएं लेकर आ गया है। इन्हें पुरातत्व संग्राहलय में रखवाया है। चट्टानों पर जो शैलचित्र हैं, उनकी कार्बन डेटिंग करवानी पड़ेगी। इसके लिए पुरातत्व विभाग से बोला है।
दीपक सिंह, कलेक्टर