रेमडेसिविर पर सरकार सख्त: CM के निर्देश – जीवन रक्षक दवा की कालाबाजारी करने वालों पर रासुका लगाएं, हमीदिया केस में स्टोर प्रभारी सहित 4 कर्मचारियों को हटाया

रेमडेसिविर पर सरकार सख्त: CM के निर्देश – जीवन रक्षक दवा की कालाबाजारी करने वालों पर रासुका लगाएं, हमीदिया केस में स्टोर प्रभारी सहित 4 कर्मचारियों को हटाया


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भोपालएक घंटा पहले

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कोरोना के कोहराम के बीच रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी हो रही है। यह इंजेक्शन 20-20 हजार रुपए में खरीदने के लिए मजबूर हैं। इसी बीच सरकार सख्त होती दिखाई दे रही है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने निर्देश दिए हैं कि जीवन रक्षक दवा की कालाबाजारी करने वालों पर रासुका लगाएं। इस बीच सरकार ने हमीदिया केस में स्टोर प्रभारी सहित 4 कर्मचारियों को हटा दिया है। सरकार का दावा है कि 1 लाख 36 हजार रेमडेसिविर इंजेक्शन की आपूर्ति की जा चुकी है। इसके बाद भी करीब 50 हजार डोज आने वाले दिनों में अस्पतालों को उपलब्ध कराए जाएंगे। लेकिन इंदौर, भोपाल, सतना सहित अन्य जिलों में अब भी रेमडेसिविर इंजेक्शन कई गुना दामों में बेचने के मामले सामने आ रहे है। यही वजह है कि मुख्यमंत्री ने अब इंजेक्शन की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ रासुका (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) के तहत जेल भेजने के निर्देश दिए। भोपाल के हमीदिया अस्पताल में रेमडेसिविर इंजेक्शन चोरी होने के मामले में क्राइम ब्रांच की पूछताछ के बाद अब उन अधिकारियों पर गाज गिरना शुरू हो गई है, जो इस पूरे इंजेक्शन कांड में शामिल है। हमीदिया अस्पताल के अधीक्षक चौरसिया को हटाए जाने के बाद अब सेंट्रल ड्रग स्टोर प्रभारी डॉ. संजीव जयंत को हटाया गया है। इसी तरह जांच के दायरे में आए तीन कर्मचारी आरपी कैथल, तुलसीराम पाटनकर और अलकेंद्र दुबे को हटाया गया है। सूत्रों का कहना है कि क्राइम ब्रांच इन सभी लोगों से पूछताछ कर चुकी है। पता चला है कि पुलिस को कई बड़े चेहरे भी इसमें शामिल होने की जानकारी मिली, लेकिन अभी तक कार्यवाही आगे नहीं बढ़ पा रही है। बता दें कि अस्पताल के तत्कालीन अधीक्षक आरडी चौरसिया को क्राइम ब्रांच के दफ्तर में बुलाकर करीब 4 घंटे पूछताछ की गई, लेकिन उन्हें छोड़ दिया गया। इस मामले में सेंट्रल ड्रग स्टोर से 863 इंजेक्शन चोरी होने पर 17 अप्रैल को FIR दर्ज हुई थी।

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