कहां गए जनसेवक: अंचल से 9 मंत्री, फिर भी दवा और बेड के लिए भटक रहे संक्रमित

कहां गए जनसेवक: अंचल से 9 मंत्री, फिर भी दवा और बेड के लिए भटक रहे संक्रमित


Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

ग्वालियर5 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

मुरैना| कोरोना संक्रमण के बढ़ने के साथ ही महाराष्ट्र, केरल और अन्य राज्यों से मजदूर फिर लौटने लगे हैं। गुरुवार को तीन ट्रेनों से करीब 600 मजदूर लौटे। ये मजूदर ट्रेन से उतरकर सीधे अपने घरों को चल दिए लेकिन स्टेशन पर इनकी स्क्रीनिंग तक नहीं हुई। 600 मजदूरों के ट्रेन से उतरने के बाद भी सिर्फ 42 की स्क्रीनिंग की गई। ज्यादातर लोग दूसरे रास्तों से निकल गए।

  • ये हैं अंचल से मंत्री : नरोत्तम मिश्रा, यशोधरा राजे सिंधिया, महेंद्र सिसौदिया, प्रद्युम्न सिंह तोमर, अरविंद भदौरिया, भारत सिंह कुशवाह, सुरेश राठखेड़ा, ओपीएस भदौरिया एवं बृजेंद्र यादव
  • ग्वालियर-चंबल अंचल का प्रदेश सरकार में दबदबा, लेकिन स्वास्थ्य सुविधाओं का भारी अभाव

प्रदेश के मंत्रिमंडल में अंचल से सबसे अधिक 9 मंत्री होने के बावजूद ग्वालियर और चंबल संभाग में कोरोना से निपटने के इंतजाम पर्याप्त नहीं हैं। मरीजों को दवाई और बेड के लिए भटकना पड़ रहा है। प्रशासनिक अफसर अपने स्तर पर रणनीति बनाकर तमाम साधन और सुविधाएं जुटाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन जनता के ज्यादातर नुमांइदे मतदाताओं से दूर होम क्वारेंटाइन हैं।

गुरुवार को अंचल में 1841 नए कोरोना संक्रमित मिले। इनमें से 1196 संक्रमित ग्वालियर के तथा 645 दूसरे जिलों के हैं। उधर, संक्रमण के कारण अंचल में 42 लोगों की इलाज के दौरान मौत हो गई। मरने वालों में 21 मृतक ग्वालियर के तथा 21 दूसरे जिलों के हैं। इनमें 32 लोगों ने ग्वालियर में जबकि शिवपुरी और दतिया में 5-5 मरीजों ने दम तोड़ा।

ग्वालियर के 21 मृतकों को मिलाकर अब तक जिले में कोरोना से मरने वालों की संख्या 450 पर पहुंच गई है। गुरुवार के 1196 संक्रमितों को मिलाकर जिले में अब संक्रमितों की संख्या 32261 हो गई है। ग्वालियर शहर के अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ने का मुख्य कारण अंचल के 8 जिलों के साथ ही सागर संभाग में टीकमगढ़, छतरपुर और निवाड़ी, उत्तरप्रदेश के झांसी और आगरा तथा राजस्थान के धौलपुर से मरीजों को यहां भेजना भी है। शिवपुरी और दतिया में मेडिकल कॉलेज हैं लेकिन वहां अभी तक पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं।

जानलेवा कोरोना संक्रमण के कारण 16 से 22 अप्रैल तक के 7 दिन में 7832 नए संक्रमित मरीज मिले हैं। इनमें से 98 लोगों की मौत हो चुकी है। बीते साल सितंबर माह में सबसे अधिक 104 लोगों की कोरोना से मौत हुई थी। उसकी तुलना में पिछले 7 दिन में ही 98 मरीज दम तोड़ चुके हैं।

दतिया में पहली बार एक दिन में 5 मरीजों की मौत: दतिया में भी पहली बार एक ही दिन में पांच लोगों की कोरोना से मौत हो गई। इनमें दो निवाड़ी, एक ओरछा, एक झांसी और एक दतिया का रहने वाला है। वहीं शिवपुरी जिले में दस घंटे के भीतर गुरुवार को कोरोना से पांच मौतें हुईं।

खबरें और भी हैं…



Source link