मरीजों की परेशानी बढ़ी: ऑक्सीजन कंस्ट्रक्टर भी तलाश रहे नहीं मिल रहे, रोजाना जिले में 250 से ज्यादा केसेस आ रहे, अंचल में भी बढ़े मरीज

मरीजों की परेशानी बढ़ी: ऑक्सीजन कंस्ट्रक्टर भी तलाश रहे नहीं मिल रहे, रोजाना जिले में 250 से ज्यादा केसेस आ रहे, अंचल में भी बढ़े मरीज


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रतलाम2 मिनट पहले

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  • टोसी इंजेक्शन की जरूरत पड़ी तो इंदौर में भी
  • हमारे जिले में सिर्फ 33% ही मिल रहे रेमडेसिविर इंजेक्शन
  • ऑक्सीजन लेवल कम हुआ तो पहले बेड के लिए भटकना होगा, डॉक्टर ने रेमडेसिविर इंजेक्शन लिखा मिल गया तो नसीब

दुआ करें किसी को भी कोरोना ना हो। आज रतलाम की हालत खराब है। बड़ी परेशानी उन लोगों को है, जो गंभीर लंग्स इंफेक्शन से ग्रस्त हैं। डॉक्टर रेमडेसिविर इंजेक्शन लिख रहे हैं लेकिन इंजेक्शन सिर्फ उनको मिल पा रहे हैं जिनका नसीब अच्छा है, या जरूरत ज्यादा है।

ऐसा इसलिए क्योंकि डिमांड 150 इंजेक्शन रोज की है लेकिन 50 से 60 इंजेक्शन ही आ रहे हैं। वहीं अब शहर में टोसी इंजेक्शन (Tocilizumab) इंजेक्शन की मांग भी सामने आने लगी है। ये एक इंजेक्शन 35-40 हजार का आता है लेकिन रतलाम में एक भी इंजेक्शन नहीं है। लोग इंदौर में ढूंढ रहे हैं लेकिन वहां भी ये इंजेक्शन नहीं मिल पा रहा है।

रतलाम में एक्टिव केस लगातार बढ़ रहे हैं। शहर में पहली बार यह आंकड़ा 1800 से ऊपर पहुंचा है, रोज 250 से ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं। लगातार बढ़ते केस के बीच शासन-प्रशासन के भी हाथ-पैर फूल गए हैं।

ऐसा इसलिए क्योंकि लोगों की स्वास्थ्य सेवाओं की डिमांड ही पूरी नहीं हो पा रही है। ऑक्सीजन लेवल कम होने पर मरीज को बेड ढूंढने तक की मशक्कत है। किसी अस्पताल में यदि बेड मिल जाता है तो इलाज के लिए डॉक्टर जो दवा लिखेंगे उसे ढूंढना किसी चुनौती से कम नहीं है। सबसे प्रमुख है रेमडेसिविर इंजेक्शन।

शनिवार को शहर में प्राइवेट अस्पतालों के लिए 30 व 24, यानी कुल 54 इंजेक्शन ही मिले, इसमें से भी 10 इंजेक्शन जावरा पहुंचा दिए गए, शाम तक स्टाॅक खत्म हो गया। जबकि, 150 लोगों को इस इंजेक्शन की जरूरत थी, इंजेक्शन की कमी को देखते हुए अधिकारी मरीज की जरूरत और गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिकता तय कर रहे हैं।

6 महीने पहले आए थे 4 टोसी इंजेक्शन

इधर, रतलाम में टोसी इंजेक्शन की डिमांड भी बढ़ी है। इंदौर से भी लोग इस इंजेक्शन को रतलाम में तलाश रहे हैं लेकिन ड्रग इंस्पेक्टर सारिका अग्रवाल ने बताया कि करीब 6 महीने पहले 4 टोसी इंजेक्शन आए थे, इसके बाद से स्टाॅक ही नहीं आया है। शनिवार को कई लोग सोशल मीडिया पर इंजेक्शन की फोटो भेजकर उपलब्धता की जानकारी लेते रहे। हालांकि इनकी उपलब्धता नहीं है।

इधर निजी अस्पतालों के रेट तय, इससे ज्यादा नहीं ले सकेंगे

इससे ज्यादा चार्ज लें तो बिल के साथ सीएमएचओ कार्यालय में करें शिकायत

अस्पतालों की लिस्ट शनिवार को सार्वजनिक की गई है। यदि कोई भी अस्पताल तय दर से ज्यादा रुपए लेता है तो आप इसकी शिकायत बिल के साथ सीएमएचओ कार्यालय में कर सकते हैं। गैर जरूरी चार्ज लेने की स्थिति में प्रशासन का दल कार्रवाई करेगा।

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