मंडे पॉजिटिव: 21 लोगों को खो चुकेे, कोविड सहायता समूह बना 8 परिवार को बचाया

मंडे पॉजिटिव: 21 लोगों को खो चुकेे, कोविड सहायता समूह बना 8 परिवार को बचाया


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इंदौर6 मिनट पहले

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ग्रामीणों की मदद के लिए गांव के कुछ पढ़े-लिखे लोगों ने कोविड सहायता समूह नाम से एक ग्रुप बनाया।

  • कोविड सहायता समूह में 350 से ज्यादा सदस्य, गांव के चार युवा जो अब डॉक्टर बन चुके, वे भी कर रहे इलाज

सांवेर-धरमपुरी क्षेत्र के गांवों के किसान कोरोना से 21 लोगों को खो चुके थे। कई ग्रामीण संक्रमण की जद में थे। इन्हें पता ही नहीं था कि कोरोना में होम क्वारेंटाइन कैसे होना है, कौन-कौन सी सावधानियां रखना हैं, क्या प्रारंभिक इलाज लेना है।

ग्रामीणों की मदद के लिए गांव के कुछ पढ़े-लिखे लोगों ने कोविड सहायता समूह नाम से एक ग्रुप बनाया। इससे क्षेत्र के युवा किसान, उद्योगपति, व्यापारी और समाजसेवी जुड़े। उन्होंने गांवों में कोरोना के प्रति जागरूकता अभियान छेड़ा। लोगों को समझाया कि किस तरह से इस बीमारी से लड़ना है। क्या सावधानियां रखना हैं। साथ ही इस समूह ने आठ ऐसे परिवार के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया जो संक्रमण की जद में थे।

अपने-अपने गांव और इलाके बांटकर ग्रामीणों को कर रहे जागरूक

‘पटेल कोविड सहायता समूह’ के संचालक फारूख पटेल ने बताया एक नायता पटेल परिवार तो ऐसा मिला, जहां 78 वर्षीय वृद्ध और उनकी पत्नी घर में अकेले थे। उन्हें सैनिटाइजर दिया तो वे बोतल देखकर पूछने लगे कि इसे पीना है या पानी में घोलकर घर में छिड़कना है। ऐसे लोगों को समझाने के लिए समूह में ऐसे युवाओं को जोड़ा गया जो जागरूक थे। अब ग्रुप में 350 सदस्य हैं। सभी अपने-अपने गांव में ग्रामीणों को कोरोना के प्रति जागरूक कर रहे हैं।

जरूरी दवाओं के पैकेट भी बांटे

पटेल ने बताया कि ग्रुप में किसानों के चार बेटे जो डॉक्टरी कर चुके, उन्हें भी जोड़ा। कई युवाओं ने होम आइसोलेशन में रह रहे ग्रामीणों को गर्म पानी, भाप लेने व जरूरी दवाओं के पैकेट देकर प्राथमिक स्टेज पर ही ठीक कर दिया। पटेल ने बताया कि शुरू में संक्रमण के डर से कई युवकों के परिजन ने उन्हें काफी रोका, लेकिन लोगों को बचाने का जज्बा देखकर बाद में वे भी मान गए।

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