कोलकाता. भारतीय टीम 5वीं बार एएफसी (एशियाई फुटबॉल परिसंघ) एशियाई कप फाइनल्स में जगह बनाने की कवायद में बुधवार को कम रैंकिंग वाले कंबोडिया के खिलाफ बड़ी जीत दर्ज करने उतरेगी. करिश्माई स्ट्राइकर सुनील छेत्री की कप्तानी में भारत अपने अभियान की शानदार शुरुआत करने की कोशिश करेगा. छेत्री इस मैच में अपना 80वां गोल करने की कोशिश करेंगे. क्रिस्टियानो रोनाल्डो (188 मैचों में 117 गोल) और लियोनल मेसी (162 मैचों में 86 गोल) दनादन गोल दागे जा रहे हैं. इन दोनों से किसी की तुलना नहीं की जा सकती है लेकिन छेत्री के पास इस टूर्नामेंट में मेसी से आगे निकलने का मौका होगा.
यही नहीं इस बीच उसे इंडियन सुपर लीग की टीम एटीके मोहन बागान से 1-2 से हार मिली जबकि उसने आई लीग ऑल स्टार्स टीम को 2-1 से हराया लेकिन संतोष ट्रॉफी के उप विजेता बंगाल ने उसे 1-1 से ड्रा पर रोका.
छेत्री ने कहा, ‘हम पहला मैच उनसे खेल रहे हैं. अगर हम कंबोडिया के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन नहीं करते हैं, तो इसका मतलब आप अपनी आधी लड़ाई हार गए हैं. अभी तक, हम केवल कंबोडिया के बारे में सोच रहे हैं, जितना संभव हो उतने वीडियो देख रहे हैं. एक बार जब हम यह मैच खेल लेंगे तो फिर अफगानिस्तान के बारे में सोचेंगे. निसंदेह, अफगानिस्तान भी मजबूत है.’
कोच स्टिमक के लिए हाल के दिनों में सबसे बड़ा झटका रहीम अली की चोट रही है, जिन्होंने छेत्री के साथ मिलकर अग्रिम पंक्ति को हमलावर बनाना शुरू कर दिया था. जैसे ही उन्होंने जेजे लालपेखुला के स्थान को भरना शुरू किया उन्हें मांसपेशियों में खिंचाव के कारण बाहर होना पड़ा. एएफसी कप में हैट्रिक जमाने वाले एटीके मोहन बागान के फॉरवर्ड लिस्टन कोलासो, मनवीर सिंह और उदांता सिंह कुछ विकल्प दे सकते हैं लेकिन अली के गेंद पर नियंत्रण और सटीक पासिंग का मुकाबला करना मुश्किल है. देखना दिलचस्प होगा कि छेत्री इससे कैसे निपटते हैं क्योंकि वे पांचवें एशियाई कप के लिए क्वालिफाई करना चाहते हैं.