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मध्य प्रदेश के खरगोन समेत कई क्षेत्रों में मानसून आ चुका है. बारिश शुरू होते ही कई घरों में छत से पानी टपकने की समस्या भी सामने आने लगी है. ऐसे में लोग छत को वॉटरप्रूफ बनाने के तरीके खोज रहे हैं. अगर आपके घर में भी हर साल बारिश के साथ बाल्टियां छत के नीचे रखनी पड़ती हैं, तो यह खबर आपके काम की है.
खरगोन के हरचरण सिंह मुच्छाल ने लोकल 18 से कहा कि बारिश में घर की छत से पानी टपकने से कई लोग इससे परेशान हैं लेकिन पानी टपकने की समस्या को ठीक करने से पहले यह जानना जरूरी है कि छत का कितना हिस्सा खराब हो चुका है. दरारें छोटी हैं या बड़ी ताकि यह पता लग सके कि मरम्मत के लिए किसी एक्सपर्ट की मदद तो नहीं लेनी पड़ेगी.

बड़ी दरारें और पुराना कंक्रीट खुद से ठीक करना जोखिम भरा हो सकता है. वहीं स्वयं कर रहे हैं, तो ध्यान दें कि छत की दरार को भरने से पहले उसे पूरी तरह सूखा होना चाहिए. अगर सतह गीली होगी, तो कोई भी सामग्री उसमें ठीक से सेट नहीं हो पाएगी.

सबसे पहले उस हिस्से को सुखाएं, जहां लीकेज हो रही है. इसके बाद एक सूखे और साफ कपड़े से दरार वाले हिस्से को अच्छे से पोंछ लें. फिर वहां पंखा चलाएं और कुछ देर तक उसे सूखने दें. जब वह हिस्सा पूरी तरह सूख जाए, तभी आगे की प्रक्रिया शुरू करें.

एक्सपर्ट बताते हैं कि सीमेंट से दरार भरना बहुत साधारण तरीका हो चुका है जबकि पेट्रोल और थर्माकोल का पेस्ट उससे कहीं ज्यादा असरदार होता है. इसके लिए थर्माकोल को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर पेट्रोल में डालें. थोड़ी देर में वह एक गाढ़े पेस्ट का रूप ले लेगा.

अब इस पेस्ट को सावधानी से दरार वाले हिस्से पर लगाएं. यह पेस्ट गहराई तक जाकर लीकेज को सील कर देता है और छत को वॉटरप्रूफ बनाता है. इसे सूखने के लिए कम से कम 2 से 3 घंटे छोड़ दें. ध्यान रहे यह काम तब करें जब बारिश न हो रही हो.

पेट्रोल और थर्माकोल के पेस्ट से काम करते वक्त दस्ताने जरूर पहनें. क्योंकि इसकी गंध तेज होती है और यह त्वचा को नुकसान पहुंचा सकता है. साथ ही छोटे बच्चों और बुजुर्गों को भी इससे दूर रखें.

जब पेस्ट पूरी तरह सूख जाए, तब उसके ऊपर वाटरप्रूफ पेंट करें. यह छत को और मजबूत बनाएगा और लीकेज की समस्या से राहत दिलाएगा. बेहतर है कि पेंट करने से पहले दोबारा दरार की जांच कर लें.

हालांकि अगर दरार बहुत ही हल्की हो, तो सिर्फ वॉटरप्रूफ पेंट लगाकर भी लीकेज रोकी जा सकती है लेकिन सुनिश्चित करें कि बारिश का पानी सीधे वहां जमा न हो. ऐसे हिस्से को पहले हल्का साफ करके फिर पेंट करें.

हरचरण सिंह मुच्छाल बताते हैं कि यदि बार-बार मरम्मत के बाद भी पानी टपक रहा हो, तो फिर किसी कंस्ट्रक्शन एक्सपर्ट से संपर्क करें क्योंकि समय रहते लीकेज पर काबू नहीं पाया गया, तो यह दीवारों और फर्श को भी नुकसान पहुंचा सकता है.