Last Updated:
Sagar Borewell Fire Incident: मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा क्षेत्र में एक बोरवेल से अचानक आग निकलने की घटना ने लोगों को हैरान कर दिया. करीब 240 फीट गहरे बोरवेल से 20 फीट ऊंची आग की लपटें उठती रहीं जिससे इलाके में हड़कंप मच गया. फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुंचकर करीब चार घंटे बाद आग पर काबू पाया. विशेषज्ञों के मुताबिक इलाके में पहले भी ज्वलनशील मीथेन गैस के संकेत मिल चुके हैं. अब इस घटना के बाद जमीन के अंदर गैस होने की चर्चा फिर तेज हो गई है.
Sagar News: मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा क्षेत्र में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है. आमतौर पर बोरवेल से पानी निकलता है, लेकिन यहां एक बोरवेल अचानक आग उगलने लगा. जैसे ही बोरवेल से करीब 20 फीट ऊंची आग की लपटें उठीं, पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. यह घटना वार्ड नंबर 11 के पास स्थित एक खेत में हुई, जहां स्थानीय निवासी अनिल कुमार ने गुरुवार शाम करीब 240 फीट गहरा बोरवेल कराया था.
सुबह गड़गड़ाहट की आवाज के बाद उठीं लपटें
जानकारी के मुताबिक शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे अचानक तेज गड़गड़ाहट की आवाज सुनाई दी. आवाज सुनकर आसपास के लोग घबरा गए और बाहर निकलकर देखा तो बोरवेल से आग की लपटें निकल रही थीं. कुछ ही देर में यह खबर पूरे इलाके में फैल गई और इस अजीब नजारे को देखने के लिए दूर-दूर से लोग मौके पर पहुंचने लगे.
4 घंटे तक जलती रही आग
बोरवेल से निकल रही आग करीब चार घंटे तक लगातार जलती रही. किसी बड़े हादसे की आशंका को देखते हुए स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और नगर पालिका को सूचना दी. इसके बाद करीब सुबह 10 बजे फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया.
पहले भी सामने आ चुके हैं गैस रिसाव के मामले
यह पहली बार नहीं है जब इस इलाके में ऐसी घटना हुई हो. इससे पहले भी बंडा क्षेत्र के जगथर, कांटी, खिरिया, बेसली, राख, गनयारी और पिथओली जैसे गांवों में जमीन से गैस रिसाव की घटनाएं सामने आ चुकी हैं. इन घटनाओं को देखते हुए साल 2019 में नागपुर से परमाणु अनुसंधान टीम भी यहां जांच करने पहुंची थी. उस समय उन्होंने करीब एक दर्जन गांवों से सैंपल लेकर जांच की थी.
मीथेन और हीलियम गैस की संभावना
जांच के दौरान विशेषज्ञों ने यहां ज्वलनशील मीथेन गैस और संभवतः हीलियम गैस की मौजूदगी की संभावना जताई थी. इसके बाद डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय के भूगर्भ वैज्ञानिकों और बीना रिफाइनरी के विशेषज्ञों ने भी इलाके में कई जगहों से सैंपल लिए थे. जांच में मीथेन गैस के साथ सल्फर की मौजूदगी पाई गई थी, हालांकि इसकी मात्रा कम बताई गई थी.
फिर शुरू हुई गैस होने की चर्चा
अब बोरवेल से निकलती आग की इस घटना के बाद इलाके में फिर से जमीन के अंदर ज्वलनशील गैस होने की चर्चाएं तेज हो गई हैं. स्थानीय लोग भी इस घटना को लेकर हैरान हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि वैज्ञानिक इस रहस्य की दोबारा जांच करेंगे.
About the Author
Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें