लालच, विश्वासघात और अंधश्रद्धा… खंडवा में तंत्र-मंत्र बना मौत, अमावस्या पर ‘चमत्कार’ नहीं हुआ तो कर दी हत्या

लालच, विश्वासघात और अंधश्रद्धा… खंडवा में तंत्र-मंत्र बना मौत, अमावस्या पर ‘चमत्कार’ नहीं हुआ तो कर दी हत्या


खंडवा. खंडवा तांत्रिकों की दुनिया रहस्यों से भरी होती है झाड़-फूंक, तंत्र, यंत्र और वादे. लेकिन खंडवा के इस तांत्रिक की आखिरी क्रिया खुद उसकी जान लेकर खत्म हुई. कहानी फिल्म जैसी लगती है, लेकिन ये हकीकत है 150 से ज़्यादा सीसीटीवी फुटेज, अमावस्या की रात, पैसे की बारिश का वादा, और अंत में एक बेरहम हत्या. मामला खंडवा जिले के बड़गांव गुर्जर जामली फाटे का है, जहां रविवार सुबह एक व्यक्ति की खून से लथपथ लाश मिली. मृतक की पहचान हुई रामचंद्र पटेल (46), जो खुद को तांत्रिक बताता था और वर्षों से झाड़-फूंक और तंत्र क्रिया करता था.

पर कहानी यहां से दिलचस्प होती है — रामचंद्र ने दो युवकों से वादा किया था कि वह तंत्र विधि से अमावस्या की रात पैसों की बारिश करवा देगा, और उनके लकवाग्रस्त पिता को चमत्कारी रूप से ठीक कर देगा. युवकों को झांसा इतना प्रभावशाली लगा कि उन्होंने तांत्रिक को पैसे, शराब और यहां तक कि बलि के लिए बकरा तक दिया. लेकिन जब न पैसा बरसा, न बीमारी ठीक हुई, तब क्रोध और विश्वासघात के बीच हत्या की योजना बनी.

पुलिस को सुबह 7:30 बजे सूचना मिली कि जामली फाटा के पास एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई है. सिर पत्थर से कुचला गया था और आसपास कोई पहचान पत्र भी नहीं मिला. लेकिन कोतवाली थाना प्रभारी अशोक सिंह चौहान और उनकी टीम ने घटनास्थल पर गहन छानबीन शुरू की. पुलिस ने इलाके के 150 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगाले, कॉल डिटेल निकाले और तकनीकी साक्ष्य जुटाकर 24 घंटे के भीतर दो युवकों को गिरफ्तार कर लिया.

गिरफ्तार आरोपियों के नाम हैं — कैलाश भास्कर (33), निवासी पाडल्या और आदित्य दांगोड़े (27), निवासी जावर. शुरुआत में दोनों ने साफ इनकार कर दिया, लेकिन जब पुलिस ने मनोवैज्ञानिक ढंग से पूछताछ की, तो उन्होंने पूरे वारदात की सच्चाई उगल दी. पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि दोनों युवक रामचंद्र से पहले भी कई बार तंत्र क्रियाएं करवा चुके थे, लेकिन जब भी उन्होंने उम्मीद की, हर बार धोखा मिला. इस बार अमावस्या की रात पैसे की बारिश नहीं हुई, तो गुस्से में उन्होंने प्लान बनाया. पहले तांत्रिक को शराब पिलाई, फिर सुनसान जगह पर ले जाकर पत्थर से सिर कुचल दिया.

इस वारदात ने न सिर्फ अंधविश्वास की सच्चाई उजागर की, बल्कि यह भी बताया कि झूठे वादों और लालच में फंसे लोग जब ठगे जाते हैं, तो विश्वास टूटने की आवाज़ जानलेवा हो सकती है.खंडवा पुलिस की तेज कार्रवाई और डिजिटल साक्ष्यों के सहारे, ये अंधी हत्या महज़ एक दिन में सुलझा ली गई. लेकिन इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है — क्योंकि यह सिर्फ एक हत्या नहीं थी, बल्कि अंधविश्वास के नाम पर पनप रही ठगी और लालच की खतरनाक परिणति थी.

अब पुलिस आरोपियों को अदालत में पेश कर न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है, लेकिन यह दिलचस्प और डरावनी कहानी एक बार फिर सवाल खड़ा करती है — क्या अब भी हम तंत्र-मंत्र के नाम पर किसी के जीवन का सौदा कर सकते हैं?



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