सीएम की कुर्सी मंजूर नहीं, पर भारत का कोच बनने से इनकार नहीं, दबंग कप्तान ने BCCI को दिया गंभीर का विकल्प

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भारत के दबंग कप्तान और बीसीसीआई अध्यक्ष रह चुके सौरव गांगुली ने एक पॉडकास्ट में अपने भविष्य के प्लान पर बात की. उन्होंने राजनीति से तौबा की लेकिन भारतीय क्रिकेट टीम का कोच बनने से इनकार नहीं किया.

सौरव गांगुली ने राजनीति में उतरने से इनकार किया है.

कोलकाता. भारत के दबंग कप्तान रह चुके सौरव गांगुली की राजनीति में दिलचस्पी नहीं है लेकिन वे भारतीय टीम का कोच बनने को तैयार हैं. गांगुली ने एक पॉडकास्ट में भारतीय क्रिकेट पर खुलकर बात की और भविष्य की योजना पर भी बात की. क्या आप भारतीय टीम का कोच बनना चाहेंगे , यह पूछने पर उन्होंने कहा, ‘मैंने इसके बारे में सोचा नहीं क्योंकि मैं अलग अलग भूमिकाओं में रहा हूं. मैने 2013 में क्रिकेट खेलना छोड़ा और फिर बीसीसीआई अध्यक्ष बन गया.’  क्या आप भारत का कोच बनकर और भी योगदान दे सकते थे. इस सवाल पर गांगुली ने कहा, ‘देखते हैं कि आगे क्या होता है. मैं 50 (53) साल का ही हूं. देखते हैं कि क्या होता है. मुझे इससे ऐतराज नहीं है.’

जुलाई में 53 साल के होने जा रहे सौरव गांगुली 2018-19 और 2022-24 के बीच दिल्ली कैपिटल्स के टीम  डायरेक्टर रहे हैं. गांगुली को भारत का कोच बनने में भले ही ऐतराज ना हो लेकिन यह तो तय है कि वे राजनीति में नहीं उतरने वाले. पश्चिम बंगाल में 2026 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले क्या आप किसी राजनीतिक दल से जुड़ेंगे. इस पर  उन्होंने मुस्कुराकर कहा, ‘मेरी कोई दिलचस्पी नहीं है.’ अगर उन्हें प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाए जाने की पेशकश की जाउ तो क्या करेंगे? इस पर भी उन्होंने कहा, ‘मेरी कोई रुचि नहीं है.’

गंभीर ने लय पकड़ ली है…
सौरव गांगुली ने मौजूदा कोच गौतम गंभीर की तारीफ करते हुए कहा कि दुबई में चैंपियंस ट्रॉफी के बाद से उन्होंने लय पकड़ ली है. उन्होंने कहा, ‘गौतम अच्छा कर रहा है. उनकी शुरुआत धीमी रही.  हम ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड से हारे. लेकिन चैंपियंस ट्रॉफी के बाद उन्होंने लय पकड़ ली है. इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज अहम होगी.’

सीधी बात करते हैं गंभीर
गंभीर कितने कुशल रणनीतिकार हैं, यह पूछने पर उन्होंने गंभीर के जुनून और बेलागपन की तारीफ की. उन्होंने कहा, ‘इस भूमिका में मैंने उसे बहुत करीब से नहीं देखा है लेकिन उसका जुनून देखा है. मैंने उसकी रणनीतियों को करीब से नहीं देखा क्योंकि उसके कोच रहते मैंने उसके साथ काम नहीं किया.’ गांगुली ने कहा, ‘वह सीधी बात करता है और चीजों को साफ देखता है. वह अपने विचार खुलकर रखता है. टीम के बारे में, खिलाड़ियों , लोगों और सबके बारे में. बाहर से आप कह सकते हैं कि वह काफी पारदर्शी इंसान है.’

गांगुली ने अपने खेलने के दिनों को याद करते हुए कहा कि गंभीर हमेशा सीनियर्स का काफी सम्मान करता था.  उन्होंने कहा, ‘मैं उसके साथ खेला हूं. उसने हमेशा मुझे और सीनियर खिलाड़ियों को काफी सम्मान दिया. अभी भी अपने काम को लेकर उसके भीतर काफी जुनून है. मैं उसे शुभकामना देता हूं. अभी उसे कोच बने एक ही साल हुआ है. इंग्लैंड का दौरा अहम होगा. ऑस्ट्रेलिया में थोड़ा संघर्ष था लेकिन हर किसी की तरह वह सीखेगा और बेहतर होगा.’ (इनपुट भाषा)

विजय प्रभात शुक्लाAssociate Editor

दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय. अप्रैल 2020 से News18Hindi में बतौर एसोसिएट एडिटर स्पोर्ट्स की जिम्मेदारी. न्यूज18हिंदी से पहले दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, अमर उजाला अखबारों में पेज-1, खेल, देश-विदेश, इलेक्शन ड…और पढ़ें

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