AIIMS भोपाल को IIRF रैंकिंग 2025 में सफलता: ​​​​​​​सभी नए AIIMS में रहा टॉप पर, प्रदेश में IISER पहले और एम्स दूसरा स्थान पर – Bhopal News

AIIMS भोपाल को IIRF रैंकिंग 2025 में सफलता:  ​​​​​​​सभी नए AIIMS में रहा टॉप पर, प्रदेश में IISER पहले और एम्स दूसरा स्थान पर – Bhopal News



एम्स भोपाल ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इंडियन इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (IIRF) 2025 की ताजा रैंकिंग में एम्स भोपाल को देशभर के सभी नए एम्स में टॉप पर रखा गया है। वहीं, रिसर्च एक्सीलेंस (गैर-तकनीकी) श्रेणी में 31वां स्थान मिला है। मध्यप्र

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रिसर्च में उत्कृष्टता, समाज के लिए समर्पण AIIMS भोपाल के निदेशक डॉ. अजय सिंह ने कहा, यह सफलता हमारे डॉक्टरों, फैकल्टी, रिसर्चर्स और छात्रों की मेहनत, ईमानदारी और संस्थान के प्रति समर्पण का नतीजा है। हमने हमेशा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, मॉडर्न ट्रांसलेशनल रिसर्च और संवेदनशील चिकित्सा सेवा को प्राथमिकता दी है।

IIRF रैंकिंग में एम्स भोपाल को रिसर्च, अकादमिक गुणवत्ता और सामाजिक प्रभाव जैसे मानकों पर उच्च स्कोर मिला है। यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है, जब देशभर में संस्थान चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने की दिशा में लगातार प्रयासरत हैं।

यह रैंकिंग क्यों खास है? IIRF (इंडियन इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क) एक राष्ट्रीय स्तर की रैंकिंग प्रणाली है, जो देशभर के केंद्रीय, डीम्ड और निजी विश्वविद्यालयों को पारदर्शी और साक्ष्य आधारित पद्धति से मूल्यांकित करती है।

कुल 17 उप-श्रेणियों में संस्थानों का होता है आकलन

  • रिसर्च पब्लिकेशन की संख्या और गुणवत्ता
  • फैकल्टी की योग्यता
  • समाज पर असर डालने वाली पहल
  • शिक्षा का ढांचा और नवाचार

एम्स भोपाल को इसलिए मिली रैंकिंग

  • शोध व नवाचार में निरंतर वृद्धि, खासकर ट्रांसलेशनल रिसर्च में
  • छात्र-केंद्रित शिक्षण और इंडस्ट्री के साथ रणनीतिक सहयोग
  • जनस्वास्थ्य और मरीज-केंद्रित रिसर्च में सक्रिय भूमिका

AIIMS भोपाल का अगला लक्ष्य

  • उच्चतम शैक्षणिक और नैतिक मानकों को बनाए रखेगा
  • ट्रांसलेशनल और मरीज-केंद्रित रिसर्च को बढ़ावा देगा
  • सस्ती, सुलभ और मानवीय हेल्थ फेसिलिटी देगा



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