जादू-टोने के शक में दूध कारोबारी के दो टुकड़े किए: सिर और धड़ अलग-अलग दफनाया; पन्ना में पड़ोसी-दो दामाद समेत चार गिरफ्तार – Panna News

जादू-टोने के शक में दूध कारोबारी के दो टुकड़े किए:  सिर और धड़ अलग-अलग दफनाया; पन्ना में पड़ोसी-दो दामाद समेत चार गिरफ्तार – Panna News


पन्ना में 31 मई को दूध कारोबारी की हत्या उसके पड़ोसी ने अपने दो दामादों और 14 साल के लड़के के साथ मिलकर की थी। आरोपियों को शक था कि दूध कारोबारी ने परिवार पर जादू-टोना किया है। साजिश के तहत आरोपियों ने पहले लोहे की रॉड से सिर पर वार किया। इसके बाद तौलि

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शव को बाइक से करीब 90 किलोमीटर दूर छतरपुर ले गए। यहां सिर और धड़ को चाकू से काटा। इसके बाद 100 मीटर दूरी पर अलग-अलग गड्‌ढा खोदकर दफना दिया।

कोतवाली पुलिस ने 22 जून को रामचरण गोंड (37), उसके दामाद जितेन्द्र गोंड (23), अजय गोंड (25) और लड़के को गिरफ्तार किया है। 23 मई को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया।

दैनिक भास्कर ने वारदात के बारे में कोतवाली टीआई रोहित मिश्रा से वारदात को लेकर बात की। उन्होंने जो खुलासा किया, वह चौंकाने वाला है।

खेत में मिला था कारोबारी का शव टीआई रोहित मिश्रा ने बताया, 4 जून को राहगीरों ने छतरपुर जिले की किशनगढ़ थाना पुलिस को सूचना दी कि खेत में दो जगह मिट्टी खुदी हुई है। नीचे कुछ दबाया गया है। पुलिस ने माैके पर जाकर जांच की। गड्‌ढे में से लाश निकलवाई गई। लाश के दो टुकड़े किए गए थे। एक गड्‌ढे में धड़ और दूसरे में सिर मिला। धड़ के ऊपर मृतक का पेंट लिपटा हुआ था। लग रहा था कि हत्या कहीं और की गई है, शव को यहां ठिकाने लगाया गया है।

शव को जमीन से निकलवा कर फोटो पन्ना पुलिस से शेयर की। मृतक के परिजनों को भी दिखाए गए। वे किशनगढ़ थाना पहुंचे। जब्त किए गए जूते और कपड़ों से मृतक की पहचान संतोष शर्मा के रूप में की। वह दूध कारोबारी के साथ वन विभाग में गार्ड भी था। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

कॉल रिकॉर्ड और मोबाइल लोकेशन के आधार पर पकड़े टीआई ने बताया कि चार पहलुओं पर जांच शुरू की गई। पता लगाया कि गांव में कौन शख्स कुछ दिनों से लापता है। पता चला कि संतोष का पड़ोसी रामचरण पिछले कुछ दिन से लापता है। उसके यहां रिश्तेदार भी आए थे। शक के आधार पर उसकी तलाश शुरू कर दी।

रामचरण और संतोष की मोबाइल लोकेशन निकाली। वारदात वाले दिन लोकेशन एक ही जगह मिली। इसके अलावा, कॉल रिकॉर्ड में रामचरण दो नंबरों पर बात कर रहा था। ये नंबर उसके दामाद अजय और जितेंद्र के थे। इससे शक यकीन में बदल गया।

22 जून को रामचरण को पकड़ कर पूछताछ की। पहले तो वह बरगलाता रहा, लेकिन सख्ती करने पर वारदात कबूल कर ली। उसने बाकी तीनों आरोपियों के नाम भी बता दिए। उसी दिन बाकी तीनों को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

घटनास्थल से यह जूता मिला था, जिसे संतोष ने पहन रखा था।

घटनास्थल से यह जूता मिला था, जिसे संतोष ने पहन रखा था।

घात लगाकर बैठे और कर दी हत्या पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वारदात से पहले चार दिन तक आरोपियों ने संतोष की गांव से पन्ना, सतना, अमानगंज तिराहे तक रेकी की। इसके लिए दोनों दामाद जितेंद्र और अजय यहां रुके थे। इसके बाद 31 मई को वारदात को अंजाम देना तय किया गया। साजिश के तहत संतोष जब दूध के डिब्बे साइकिल में बांधकर घर से पन्ना की तरफ निकला, तभी घर से 300 मीटर दूर चीमट और सतना बैरियर के बीच सुनसान जगह पर उसे रोक लिया।

लड़के ने पीछे से पीछे लोहे की रॉड से वार कर दिया। वह साइकिल सहित बेहोश होकर गिर गए। इसके बाद तीनों ने तौलिए से उसका गला दबा दिया। संतोष की मौके पर मौत हो गई। शव को अमानगंज घाट तक घसीटकर लाए। एक शख्स दूध और साइकिल ठिकाने लगाने में लग गया। दो लोगों ने लाश को बीच में बैठाया। छतरपुर की ओर चल दिए।

जंगल में फेंकने की प्लानिंग थी, खेत में गाड़ दिया आरोपियों ने पुलिस को बताया कि शव को जंगल फेंकना चाहते थे, जिससे किसी को पता नहीं चल सके। पन्ना के करीब 90 किलोमीटर दूर अमानगंज के पास फिर गाड़ी में रखकर शव को दूर जंगल में फेंकने की प्लानिंग बनाई, लेकिन अमानगंज से किशनगढ़ की तरफ जाते समय रास्ते में ही बाइक में पेट्रोल खत्म होने वाली थी। तीनों ने खेत में दो गड्‌ढे खोदे। चाकू से सिर को धड़ से काटना चाहा। ठीक से नहीं कटा, तो हाथ से मरोड़कर अलग किया। दोनों को 100 मीटर दूर अलग–अलग गड्‌ढे में गाड़ दिया।

जादू–टोने का शक था, इसलिए मार डाला रामचरण ने पुलिस को बताया कि उसकी पत्नी की तबीयत पांच साल से खराब रहती थी। किसी ने उसे भूत–प्रेत की बाधा बताया। कुछ समय पहले बागेश्वर धाम में बेटी की शादी जितेंद्र से हुई। कुछ दिन बाद दोनों की तबीयत खराब रहने लगी। एक ओझा ने कहा था कि तुम्हारे मोहल्ले में रहने वाले शख्स ने जादू–टोना किया है। चूंकि संतोष गांव में झाड़फूंक करता था, इसलिए उनका शक उस पर गया। यह बात जितेंद्र को बताई, तो जान लेने का ठान लिया।

परिवार ढूंढ़ने में जुटा, शादी करना पड़ी कैंसिल

संतोष शर्मा का बेटे अभिलाष उर्फ गोलू शर्मा।

संतोष शर्मा का बेटे अभिलाष उर्फ गोलू शर्मा।

इधर, 1 जून को संतोष के बेटे अभिलाष शर्मा ने कोतवाली थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। अभिलाष उर्फ गोलू शर्मा ने बताया कि 2 जून को मेरी शादी थी। पिता ने शादी का सामान लाकर घर में रख दिया था। परिवार शादी की तैयारियों में जुटा था। 31 मई की रात घर में मंडप की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन पिता दूध बेचकर नहीं लौटे। परिवार उन्हें ढूंढ़ने में लग गया। सुबह तक पता नहीं चला। पिता के घर नहीं आने से शादी का प्रोग्राम कैंसिल करना पड़ा। गोलू ने बताया कि उसकी शादी पन्ना के खेजड़ा मंदिर के पास होनी थी। पिता के जाने के बाद घर में मैं और मां रहती हैं। बहन खुशी की शादी हो चुकी है। घर की जिम्मेदारी मुझ पर आ गई है।



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