स्टेशन पर गुमी, गुजरात घर का काम कराने ले गए: मंदसौर में 5 महीने बाद परिवार से मिली महिला, भावुक हुई; कोलकाता की रहने वाली – Mandsaur News

स्टेशन पर गुमी, गुजरात घर का काम कराने ले गए:  मंदसौर में 5 महीने बाद परिवार से मिली महिला, भावुक हुई; कोलकाता की रहने वाली – Mandsaur News


बंगाल की सुजाता मंदसौर में मिली है। करीब 1 महीने से मंदसौर के अनामिका जनकल्याण सेवा समिति के आश्रयगृह कौशल्या धाम में रह रही, पश्चिम बंगाल निवासी सुजाता करीब 5 माह बाद अपनी बेटी और दामाद से मिली तो खुशी के आंसू रुके नहीं रुक पाए।

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गुरुवार दोपहर सुजाता के दामाद सुभाजित और उनकी बेटी अपर्णा उन्हें लेने पहुंचे। अनामिका जनकल्याण सेवा समिति ने सभी कागजी कार्रवाई और परिवार की पहचान सुनिश्चित करने के बाद सुजाता को उनके परिजनों को सौंप दिया।

दरअसल वह कोलकाता स्टेशन पर सुजाता अपने परिवार से बिछड़ गई थी, जिसके बाद गुजराती परिवार ने सुजाता को खाने में कुछ मिलाकर खिलाया। घर का काम करवाने के लिए अपने घर गुजरात ले गए, काम के एवज में सुजाता को बस खाने को रोटी मिलती थी।

परिवार के लोगों से मिलने के बाद महिला के खुशी के आंसू झलक गए।

मंदिर जाने के बहाने भागी जब सुजाता को काम के साथ अत्याचार मिलने लगा तो वह माता मंदिर में पूजा का बहाना बनाकर वहां से भाग आई, फिर मंदसोर के सितामऊ क्षेत्र में पहुंची। सितामऊ पुलिस ने सुजाता मो बीती 2 जुन को समाजसेवी अनामिका जेन को सौपा।

अनामिका और उनकी टीम ने गूगल की मदद से बंगाली सिखी। लगातार काउंसलिंग कर सुजाता के घर का पता लगाया। सुजाता को याद आए मोबाइल नंबर से सुजाता के दामाद व बेटी से संपर्क किया, उन्होंने कंफर्म किया की हां करीब 5 महीने पहले सुजाता घर से निकली थी तो फिर नहीं लौटी।

सुजाता के दामाद ने यह भी बताया की सुजाता के पति दिल के मरीज हैं और उनकी बाईपास सर्जरी भी हो चुकी है। उनकी दो बेटियां हैं, जिनमें से एक की शादी उनसे हुई है।



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