गुफा में हर सुबह मिलते ताजे फूल, कौन चढ़ाता? आज तक किसी ने नहीं देखा

गुफा में हर सुबह मिलते ताजे फूल, कौन चढ़ाता? आज तक किसी ने नहीं देखा


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Mahadev Khodra MP News: स्थानीय लोगों की यहां के बारे में मान्यता है कि हर सुबह गुफा में भगवान को ताजे फूल चढ़े मिलते हैं जबकि आज तक किसी ने ये फूल चढ़ाते हुए किसी शख्स को नहीं देखा है. यह जगह अदृश्य शक्ति की उ…और पढ़ें

खरगोन. अगर आप किसी कारणवश अमरनाथ यात्रा पर नहीं जा पा रहे हैं, तो निराश होने की जरूरत नहीं है. मध्य प्रदेश के खरगोन और इंदौर जिले की सीमा पर विंध्याचल पर्वत की गोद में स्थित एक गुफा को छोटा अमरनाथ कहा जाता है. यहां भगवान शिव प्राकृतिक शिवलिंग के रूप में विराजमान हैं. यह स्थान ‘महादेव खोदरा’ के नाम से भी प्रसिद्ध है. घने जंगल, ऊंचे पहाड़ और बहते झरनों के बीच स्थित यह शिवधाम न सिर्फ भक्तों की आस्था का केंद्र है बल्कि प्रकृति प्रेमियों और एडवेंचर के शौकीनों के लिए भी किसी जन्नत से कम नहीं है. भक्तों का मानना है कि यहां दर्शन करने से अमरनाथ यात्रा जितना पुण्य मिलता है.

मानसून के दौरान यहां का नजारा बेहद मनमोहक हो जाता है. पूरा क्षेत्र हरियाली से लद जाता है और रास्ते में कई छोटे-बड़े प्राकृतिक झरने बहते नजर आते हैं. गुफा के पास भी एक झरना लगातार बहता है, जिससे श्रद्धालु शिवलिंग का अभिषेक करते हैं. यह पवित्र गुफा विंध्याचल पर्वत की चोटी से लगभग 2000 फीट नीचे पहाड़ी के बीचोंबीच स्थित है. यहां चढ़ाई और ट्रेकिंग बिल्कुल वैसी ही है, जैसे जम्मू-कश्मीर के अमरनाथ में होती है.

गुफा तक पहुंचने के दो रास्ते 
मान्यता है कि यह स्थान हजारों साल पुराना होकर अमरनाथ की तरह ही आस्था का केंद्र बना हुआ है. गुफा तक पहुंचने के लिए भक्तों को या तो बड़ी जाम गांव से लगभग 400 सीढ़ियों के जरिए नीचे उतरना पड़ता है या फिर रोशियाबारी गांव से करीब चार किलोमीटर का पहाड़ी रास्ता तय करना होता है. यह रास्ता घने जंगल, चढ़ाई और झरनों से होकर गुजरता है, जो रोमांचक भी है.

हर साल आते हैं हजारों श्रद्धालु
छोटा अमरनाथ न सिर्फ धार्मिक आस्था का केंद्र है बल्कि प्रकृति प्रेमियों और ट्रेकिंग के शौकीनों के लिए भी खास जगह है. यहां हर साल हजारों श्रद्धालु आते हैं, जिन्हें दर्शन के साथ-साथ रोमांच और प्राकृतिक सुंदरता का अनुभव भी होता है. तो अगर आप भी अमरनाथ नहीं जा पा रहे हैं, तो छोटा अमरनाथ आपके लिए एक अद्भुत और पुण्यदायी विकल्प बन सकता है.

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