भिंड जिले में इस साल मानसून बीते साल की तुलना में अधिक मेहरबान नजर आ रहा है। जिले में जून के अंतिम सप्ताह में ही मानसून सक्रिय हो गया था। इसके बाद 7 जुलाई तक औसतन 86 मिमी (3.4 इंच) ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। लगातार बारिश से किसानों को खेत की तैयारी
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जिले के गोरमी और मौ ब्लॉक में इस बार सबसे ज्यादा बारिश दर्ज हुई है, जबकि मेहगांव में अब तक सबसे कम। हालांकि कम बारिश के बावजूद किसान खेतों की तैयारी में जुटे हैं और हल्की नमी का भी भरपूर उपयोग कर रहे हैं।
धान की रोपाई जोरों पर, दलहन-बाजरा की भी बुवाई गोहद, लहार, दबोह और आलमपुर में इस समय बड़े पैमाने पर धान की रोपाई की जा रही है। इसके अलावा ज्वार, बाजरा, अरहर, तिल, उड़द और मूंग की बुवाई भी शुरू हो चुकी है। कृषि विज्ञान केंद्र के अनुसार इस बार मानसून की समय पर सक्रियता के चलते सभी फसलों की बुवाई के लिए अनुकूल माहौल बना है।
भिंड शहर में बारिश का सीन।
अच्छी पैदावार की उम्मीद विशेषज्ञों का कहना है कि यदि बारिश इसी तरह नियमित बनी रही तो जिले में इस बार फसलों की अच्छी पैदावार संभव है। पिछले साल मानसून की देर से सक्रियता से किसानों को बुवाई में परेशानी आई थी, जबकि इस बार समय पर पानी मिलने से राहत मिली है।
कृषि विभाग की सलाह कृषि विभाग ने किसानों से कहा है कि वे अधिक बारिश वाले इलाकों में धान, ज्वार और मूंग जैसी फसलों को प्राथमिकता दें, जबकि कम बारिश वाले क्षेत्रों में तिल और अरहर जैसी फसलों की बुवाई करें। फिलहाल भिंड जिले में हरियाली दिखाई दे रही है और किसान फसल उत्पादन को लेकर आश्वस्त नजर आ रहे हैं।
जून व जुलाई के प्रथम सप्ताह के बारिश के आंकड़े
| क्रमांक | जिले का क्षेत्र |
जून से 7 जुलाई 2025 तक की बारिश (MM) |
जून से 7 जुलाई 2024 तक की बारिश (MM) |
कम(-) ज्यादा(+) |
| 01 | भिंड | 251 | 212 | +38 |
| 02 | अटेर | 245 | 202 | +29 |
| 03 | मेहगांव | 129 | 153 | -23 |
| 04 | गोहद | 164 | 210 | -45 |
| 05 | लहार | 266 | 109 | +157 |
| 06 | रौन | 186 | 68 | +118 |
| 07 | मिहोना | 236 | 87 | +148 |
| 08 | मौ | 364 | 163 | +201 |
| 09 | गोरमी | 371 | 268 | +143 |

खेतों में धान की रुपाई करते हुए किसान।

अच्छी बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ा।