शुभमन गिल तोड़ सकते है लॉर्ड्स में 1952 का रिकॉर्ड, 73 साल पहले खेली गई पारी

शुभमन गिल तोड़ सकते है लॉर्ड्स में 1952 का रिकॉर्ड, 73 साल पहले खेली गई पारी


लंदन से राजीव की रिपोर्ट. जीत के विजयरथ पर सवार हो कर भारतीय टीम लंदन पहुंच चुकी है और मंगलवार को जब वो लॉर्ड्स के मैदान पर कदम रखेंगे तो कई ऐसे मैच उनके आंखों के सामने आ जाएंगे जिनकी वजह से भारतीय क्रिकेट की तस्वीर बदल गई. क्रिकेट के मक्का में भारतीय क्रिकेट टीम के लिए कुछ यादगार पल रहे हैं. 1983 का विश्व कप जीतना उनमें से एक था, नेटवेस्ट ट्रॉफी फाइनल दूसरा था, जबकि लॉर्ड्स में भारत की पहली टेस्ट जीत भी यादगार थी.

टीम इंडिया ने पहली बार 1932 में लॉर्ड्स में मैच खेला था. हालांकि, 1986 में इस मैदान पर अपनी पहली टेस्ट जीत दर्ज करने के लिए उन्हें 54 साल तक इंतजार करना पड़ा. कुल मिलाकर, टेस्ट में टीम इंडिया का रिकॉर्ड बहुत अच्छा नहीं रहा है, उसने 19 में से सिर्फ़ तीन मैच जीते हैं. वनडे में भारत के नतीजे मिले-जुले रहे हैं, जिसमें उसने चार जीते हैं और नौ मौकों पर इतने ही हारे हैं. भारत 10 जुलाई को एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी के अपने तीसरे टेस्ट में इंग्लैंड से भिड़ेगा और गिल के गैंद की कोशिश होगी कि ऐजबेस्टन की तरह लॉर्ड्स में भी रिकॉर्ड सुधारा जाए.

लॉर्ड्स में को गिल का इंतजार 

ऐजबेस्टन में रिकॉर्ड की बारिश करने वाले भारतीय कप्तान शुभमन गिल का लॉर्ड्स में एक ऐसा रिकॉर्ड इंतजार कर रहा है जिस तक पहुंचना बड़े बड़े नामों के बस की बात नहीं रहीं. 1952 में वीनू मांकड ने लॉर्ड्स के मैदान पर 184 रनों की पारी खेली थी जो आज भी किसी भारतीय बल्लेबाज द्वारा लॉर्ड्स में खेली गई सबसे बड़ी पारी है जहां तक पहुंचने की कोशिशश इस बार की यंग ब्रिगेड जरूर करेगी. लॉर्ड्स वह जगह है जहाँ हीरो बनते हैं इस मैदान ने भारत को कई हीरो दिए हैं भारत ने पहली बार 1932 में कप्तान कर्नल सीके नायडू के नेतृत्व में इस मैदान पर टेस्ट मैच खेला था लेकिन 1986 तक भारत ने लॉर्ड्स में कोई टेस्ट मैच नहीं जीता था कपिल देव की डेयरडेविल्स टीम ने पहली बार टेस्ट जीता जिसमें चेतन शर्मा के पांच विकेट और दिलीप वेंगसरकर के शतक ने बड़ा अंतर पैदा किया था. हालाँकि, हाल के वर्षों में स्थिति बदल गई है. लॉर्ड्स में अपने पिछले पाँच टेस्ट में भारत ने दो बार जीत दर्ज की है और एक मैच ड्रॉ रहा है.पिछली बार की सीरीज में केएल राहुल के शतक ने भारत को जीत दिलाई थी.

लॉर्ड्स का रिकॉर्ड डराता है 

भारत ने लॉर्ड्स के मैदान पर कुल 19 मुकाबले खेले हैं और 12 में हार मिली है 3 मैचों में जीत मिली और चार टेस्ट ड्रा रहे. हाल में वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में तेज गेंदबाजो का बोलबाला देखने को मिला था और मिडिलसेक्स के कुछ स्पोर्ट स्टाफ से बात करके ये तो साफ हो गया कि एक तेज पिच बारत का स्वात करेगी. पिछले 11 साल में हमनें लॉर्ड्स में टेस्ट क्रिकेट तो अच्छा खेला पर कोई भी खिलाड़ी बड़ा इम्पैक्ट नहीं डाल पाया और इस बार की युवा टीम के सामने ये बड़ा चैलेंज होगा.

उच्चतम कुल: 2002 में इंग्लैंड के विरुद्ध 458/8d
न्यूनतम कुल: 1974 में इंग्लैंड के विरुद्ध 42
सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजी: 1952 में वीनू मांकड़ (184)
सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी: 2014 में इशांत शर्मा 7/74

लंदन में स्थित लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड को अक्सर “क्रिकेट का घर” कहा जाता है 1814 में थॉमस लॉर्ड द्वारा स्थापित, यह मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब (MCC) का मुख्यालय है और टेस्ट मैच,वनडे और घरेलू क्रिकेट की मेज़बानी करता है. अपने प्रतिष्ठित पैवेलियन, लॉन्ग रूम और खेल को प्रभावित करने वाले प्रसिद्ध ढलान के लिए प्रसिद्ध, लॉर्ड्स ने ऐतिहासिक क्षणों को देखा है, जिसमें भारत की 1983 विश्व कप जीत और उनकी 1971 की टेस्ट जीत शामिल है। लगभग 30,000 की क्षमता वाला यह स्टेडियम आधुनिक सुविधाओं के साथ परंपरा का मिश्रण है, जिसमें एमसीसी संग्रहालय और सबसे पुराना क्रिकेट मैच, ईटन बनाम हैरो शामिल है. लॉर्ड्स एक वैश्विक क्रिकेट तीर्थ स्थल बना हुआ है जहां रोज बड़ी तादाद में टूरिस्ट आते है.



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