बैतूल के भैंसदेही में आदिवासी संगठनों ने आज (शुक्रवार) जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। यह विरोध 24 जुलाई को आदिवासी युवक संदीप चिल्हाटे के साथ हुई कथित मारपीट के खिलाफ था। प्रदर्शनकारियों ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को सौंपा।
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आरोप है कि शराब दुकान के कर्मचारियों ने संदीप के साथ मारपीट की और जातिसूचक गालियां दीं। स्थानीय पुलिस ने युवक को बिना कपड़ों के थाने लाकर पीटा। परिजनों से रिहाई के लिए 50 हजार रुपए की मांग की गई। इसमें से 30 हजार रुपए लेकर युवक को गंभीर अवस्था में छोड़ा गया।
धाराओं में इजाफा करने की भी मांग ज्ञापन में शराब ठेकेदारों और मारपीट में शामिल पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार धाराओं में इजाफा करने की भी मांग है। दोषी पुलिसकर्मियों को अभियुक्त बनाने और गांवों में अवैध अंग्रेजी शराब की बिक्री पर रोक लगाने की मांग भी की गई।
धरना प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा। सुरक्षा के लिए एएसपी कमला जोशी के नेतृत्व में कई थानों का पुलिस बल तैनात किया गया था। हिंदू जागरण मंच के जिला सह संयोजक बंडू लिखितकर ने कहा कि यह हमला पूरे आदिवासी समाज के आत्मसम्मान पर है।
पुलिस अधीक्षक बैतूल ने मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है। तीन आरोपियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। संबंधित उपनिरीक्षक को लाइन अटैच किया गया है।