क्यों इंग्लैंड में केवल एक ही नजदीकी मैच जीत सका है भारत, पास पहुंचकर दूर क्यों हो जाता है

क्यों इंग्लैंड में केवल एक ही नजदीकी मैच जीत सका है भारत, पास पहुंचकर दूर क्यों हो जाता है


भारत और इंग्लैंड के बीच ओवल टेस्ट क्रिकेट मैच सीरीज का पांचवां और आखिरी मैच है. मैच ने रोमांचक टर्न लिया है. फैसला तो एकदम तय लग रहा है. हालांकि मैच एकदम खुला हुआ है. ये किसी भी ओर जा सकता है. ओवल के मैदान पर चौथे ही दिन जिस तरह भीड़ जुटी, वो टेस्ट मैचों में कम जुटती है. हालांकि अब टेस्ट मैच दिलचस्प होने लगे हैं. क्या आपको लगता है कि जीत के इतने पास पहुंचकर टीम इंडिया इसे जीत पाएगी. हालांकि भारत के खाते में नजदीकी मैचों को जीतना बहुत कम रहा है. ओवल में तो उसने 90 सालों के अपने क्रिकेट इतिहास में केवल एक ही जीत बहुत करीबी फासले से पाई है.

भारत ने टेस्ट क्रिकेट में अब तक कुल 591 टेस्ट मैच खेले हैं, जिसमें 182 मैच जीते, 185 हारे, 223 ड्रॉ रहे और 1 मैच टाई रहा है. इससे भारत की कुल टेस्ट जीत का प्रतिशत लगभग 30.78% है. लेकिन 90 सालों के अपने टेस्ट क्रिकेट इतिहास में भारत को केवल पांच ही मैचों में नजदीकी जीत मिली है. ज्यादातर नजदीकी मैचों में जीत भारत के हाथ फिसल गई.

आगे बढ़ने से पहले जान लेते हैं कि भारत ने अब जो पांच नजदीकी जीत टेस्ट क्रिकेट में हासिल की है. उसमें दो तो अपने मैदान पर ही हैं यानि घरेलू विकेट पर और तीन बाहर के मैदानों पर. ये तरह हैं

रन अंतर             विपक्षी टीम             स्थान                     तारीख
13                    ऑस्ट्रेलिया               मुंबई                     3 नवंबर 2004
28                    इंग्लैंड                     कोलकाता              30 दिसंबर 1972
31                    ऑस्ट्रेलिया                एडिलेड                6 दिसंबर 2018
37                    वेस्ट इंडीज               पोर्ट ऑफ स्पेन      19 अप्रैल 2002
49                    वेस्ट इंडीज               किंग्सटन               30 जून 200
इनमें सबसे नजदीकी जीत 2004 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुंबई में 13 रन से थी.

हालांकि हाल के बरसों में भारत का टेस्ट रिकॉर्ड बेहतर हुआ है. 1932 से 1982 तक के 50 सालों में भारत ने केवल 35 टेस्ट जीते थे, लेकिन उसके बाद जीत में लगातार बढ़ोतरी हुई है.

इंग्लैंड में नजदीकी जीत कौन सी और कब मिली

इंग्लैंड में भारत की टेस्ट क्रिकेट में सबसे नजदीकी जीत 1971 में इसी ओवल मैदान पर मिली थी. जब भारत ने इंग्लैंड को 4 विकेट से हराकर एक इतिहास रचा था. ये ऐतिहासिक मैच 6-9 अगस्त 1971 को खेला गया था. ये वो सीरीज थी, जब भारत ने पहली बार इंग्लैंड को उसी की जमीन पर पहली बार सीरीज में हराया था.

इस भारतीय टीम में अजीत वाडेकर कप्तान थे. सुनील गावस्कर, विश्वनाथ जैसे दिग्गज क्रिकेटर शामिल थे. जब टीम ये सीरीज जीतकर घर लौटी थी तो उसका खूब स्वागत हुआ था.

ओवल के मैदान पर भारत ने 54 साल पहले नजदीकी जीत हासिल की थी.

अगर इस ओवल टेस्ट को जीत सके तो बेहद नजदीकी होगी

वैसे रनों के अंतर से भारत ने इंग्लैंड में कोई बहुत कम अंतर से जीत हासिल नहीं की है. अगर इस मैच में वो जीत पाया तो ये जीत निश्चित रूप से बहुत नजदीकी होगी. अभी भारत को जीत के लिए चार विकेट की दरकार है जबकि इंग्लैंड को जीत के लिए 35 रन चाहिए. जे स्मिथ (2) और आवर्टन (8) क्रीज पर हैं. जीत के लिए इंग्लैंड के सामने 374 रनों का टारगेट है जबकि फिलहाल उसके 6 विकेट 339 रनों पर जा चुके हैं.

जैसे ही आज मैच शुरू होगा, उसके दो ओवर बाद भारत नई गेंद ले सकता है. सिराज और प्रसन्न कृष्णा दोनों अच्छी बॉलिंग कर रहे हैं. अगर भारत नई गेंद लेता है तो इन दोनों की अच्छी गेंदबाजी को देखते हुए वो विकेटों की उम्मीद कर सकता है. वैसे ये नजदीकी जीत मौजूदा भारतीय टीम को एक नया आत्मविश्वास देगी. आलोचकों को शांत करेगी.

बदल चुका है टेस्ट मैचों का टेंपरामेंट 

इसमें कोई शक नहीं कि अब टेस्ट मैचों का टेंपरामेंट बदल चुका है. अब वो ठुक-ठुक स्टाइल में नहीं खेले जाते बल्कि तेज अंदाज में ही खेले जाने लगे हैं. इसी वजह से अब खेले जा रहे तमाम टेस्ट मैच 90 के दशक तक खेले जाने वाले टेस्ट क्रिकेट की स्टाइल से एकदम अलग होते हैं. अब टेस्ट क्रिकेट का अंदाज बदला है. वो क्लासिकल बेशक है लेकिन तेज और फटाफट भी.

ओवल का मैदान भारत के लिए कैसा रहा है

अब ओवल के मैदान पर भी भारत के प्रदर्शन के बारे में जान लीजिए. ये भारत का कोई बहुत फेवरेट ग्राउंड तो नहीं कहा जा सकता है लेकिन ये मैदान भारत के खिलाफ ज्यादा रहा है. ओवल में भारत की पहली जीत 1971 में आई थी. 2021 में यहां टीम इंडिया ने इंग्लैंड को चौथे टेस्ट में 157 रन से हराया.
ओवल में भारत के कुल मैचों की संख्या (2025 तक): 15 टेस्ट
जीत: 2 (1971, 2021)
ड्रा: 7
हार: 5

हालांकि ओवल में फिलहाल जो मैच खेला जा रहा है, उसमें पलड़ा 60 फीसदी भारत और 40 फीसदी इंग्लैंड के फेवर में बताया जा रहा है. अब ये देखने वाली बात होगी कि भारतीय टीम कैसे इसे अपने पाले में ले आती है.

भारत नजदीकी मैच कम क्यों जीत पाता है

फिलहाल ओवल के इस मैच की बात करें तो अब भारत की जीत जिन दो रास्तों से आएगी, वो बॉलिंग और फील्डिंग है. ये सबको मालूम है कि भारत इस मैच में अपने प्रमुख गेंदबाज बुमराह के बगैर खेल रहा है. वैसे वर्कलोड मैनेजमेंट के चलते टीम उन्हें खिलाती कम है रेस्ट ज्यादा देती है. राहत की बात ये है कि इस पूरे मैच में सिराज और प्रसन्ना ने अच्छी गेंदबाजी की है. वैसे सिराज पिछले कुछ सालों से बाहर भी अच्छी गेंदबाज करते रहे हैं.

लिहाजा माना जाना चाहिए जब नई गेंद के बाद मैच में तनाव ज्यादा होगा तब टीम की गेंदबाजी इसमें फिसलेगी नहीं बल्कि मिसाल बनाएगी. वैसे इस कंडीशन में भारत के नजदीकी मैच नहीं जीत पाने की चार वजहें अब तक देखी गई हैं.

कैच छोड़ना और फील्डिंग में चूक – नजदीकी मैचों में कैच छोड़ना या आसान रन रोकने में असफलता हार का बड़ा कारण होती है. भारत के खिलाड़ी कई बार अहम कैच छोड़ देते हैं या रनआउट का मौका गंवा देते हैं, जिससे विपक्षी टीम बच निकलती है.

गेंदबाजों का दबाव में ढीला पड़ना – नजदीकी मैचों में भारतीय गेंदबाज कई बार आखिरी विकेट लेने में नाकाम रहते हैं और विपक्षी टीम को भाग्यशाली पारी खेलने का मौका मिल जाता है.

रणनीति की कमी – आखिरी पारी में गेंदबाजी रोटेशन या बल्लेबाजी क्रम को लेकर रणनीतिक चूकों के चलते दबाव में टीम संतुलन खो देती है, और मैच फिसल जाता है. हालांकि इस पूरी सीरीज में भारतीय टीम की रणनीति पर लगातार सवाल उठते रहे हैं. उम्मीद है कि इस बार टीम इसे गलत साबित कर ही देगी.

मानसिक मजबूताई की कमी-  दबाब की स्थिति में संयम और मनोबल बनाए रखना चुनौती है। इंग्लैंड या ऑस्ट्रेलिया जैसी टीमों की तुलना में भारतीय टीम इन क्षणों में कई बार लचीलापन नहीं दिखा पाती।



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