Last Updated:
Chhatarpur News: जहां एक ओर बढ़ते तापमान से शहर के लोग परेशान हैं तो वहीं छतरपुर के ग्रामीण इलाकों में ऐसे भी घर हैं जहां न बिजली की जरूरत है और न ही कूलर-एसी की. क्योंकि पुराने जमाने में ऐसे घर बनाए जाते थे जि…और पढ़ें
हाइलाइट्स
- छतरपुर के ग्रामीण इलाकों में पुराने घर ठंडे रहते हैं.
- मिट्टी की 1 मीटर मोटी दीवारें और लकड़ी का लेंटर.
- इन घरों में बिना कूलर-एसी के भी ठंडक रहती है.
Chhatarpur News: गर्मी के मौसम में जहां लोग बढ़ते तापमान से परेशान हैं, वहीं छतरपुर जिले के कुछ ग्रामीण इलाकों में ऐसे घर भी हैं जहां कूलर या पंखे की जरूरत नहीं पड़ती. इन घरों का तापमान वातावरण के तापमान से काफी कम रहता है. इसका कारण है पुराने घरों की खास बनावट.
1 मीटर मोटी दीवारें
केशकली बताती हैं कि ये घर कच्चे होते थे, जिनमें मिट्टी की 1 मीटर मोटी दीवारें बनाई जाती थीं. साथ ही लकड़ियों के सहारे लेंटर डालकर इन्हें दोहरे खंड में बनाया जाता था. इन घरों में लगी लकड़ियां भी 40 साल पुरानी हैं.
फ्रिज की जरूरत नहीं
केशकली बताती हैं कि इन घरों में बिना बिजली के भी रहा जा सकता है, क्योंकि यहां का तापमान सामान्य रहता है. चाहे बाहर का तापमान कितना भी हो, इन घरों में बिना कूलर या एसी के आराम से रहा जा सकता है. फ्रिज की जरूरत नहीं केशकली बताती हैं कि इन घरों में रेफ्रिजरेटर की जरूरत नहीं पड़ती. हमारे घरों में सब्जियां ऐसे ही रखी रहती हैं और खराब नहीं होतीं.
Seasoned journalist Dallu Slathia brings over 5 years of expertise in digital media, leading coverage across 4 states for Local18- MP, Jharkhand, Himachal Pradesh and Haryana. Her experience in digital journali…और पढ़ें
Seasoned journalist Dallu Slathia brings over 5 years of expertise in digital media, leading coverage across 4 states for Local18- MP, Jharkhand, Himachal Pradesh and Haryana. Her experience in digital journali… और पढ़ें