सावन के अंतिम सोमवार को टीकमगढ़ के पूर्व विधायक केके श्रीवास्तव ने अपनी 17वीं कांवड़ यात्रा निकाली। यह यात्रा ग्राम पंचायत नन्ही टिहरी के मड़खरा तालाब से शुरू हुई और बुंदेरा, पठा, पुरानी टिहरी होते हुए शाम करीब 6 बजे टीकमगढ़ पहुंची। यात्रा में बुंदेल
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पूर्व विधायक श्रीवास्तव ने बताया कि वे 16 साल से हर सावन में कांवड़ यात्रा निकालते आ रहे हैं। इस साल यात्रा को पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और तालाबों को अतिक्रमण मुक्त कराने के संकल्प के साथ आगे बढ़ाया गया है। उन्होंने घोषणा की कि यह अभियान एक दिन की यात्रा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि साल भर जारी रहेगा।
साल भर चलेगा तालाब बचाओ अभियान
इस अभियान के तहत पहले चरण में टीकमगढ़ के 11 तालाबों को शामिल किया गया है। जनप्रतिनिधियों और समाज सेवियों की एक टीम बनाकर इन तालाबों की फीडर नहरों का निरीक्षण किया जाएगा। जहां भी अतिक्रमण मिलेगा, उसे स्थानीय लोगों और जिला प्रशासन की मदद से हटाया जाएगा।
श्रीवास्तव का लक्ष्य है कि साल भर के भीतर जिले के 77 तालाबों का दौरा किया जाए। उन्हें अतिक्रमण मुक्त कराया जाए। उनका मानना है कि जिले के 486 तालाबों में अगर साल भर पर्याप्त पानी रहा तो किसानों को खेती के लिए भरपूर पानी मिल सकेगा। टीकमगढ़ पहुंचने के बाद कांवड़ यात्रा शिव धाम कुंडेश्वर के लिए रवाना हुई, जहां भगवान भोलेनाथ का विधि-विधान से अभिषेक और पूजन किया गया।